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Thursday, 15 January, 2026
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दिल्ली में 48 घंटे में कोविड संकट पर काबू पा सकती है सेना और उसकी मदद लेने का समय आ गया है

सेना की पूरी क्षमता का उपयोग नहीं किया जा रहा है, न उन्हें निर्णय प्रक्रिया में शामिल किया जाता है और न सेना के प्रतिनिधियों से सलाह-मशविरा किया जाता है.

ऐलान करके भूल जाने वाली नेता नहीं, तो क्या अब दो पैर से दिल्ली भी जीत लेंगी ममता

क्या कुछ आह्लादित विपक्षी नेताओं के इस कथन को इतने भर से ही प्रासंगिक बनाया जा सकता है कि देश का अगला प्रधानमंत्री बंगाल से आयेगा.

भारत की कोविड त्रासदी को दुष्प्रचार का जरिया बना रहा है चीन, मरे हुए लोगों को भी नहीं बख्शा जा रहा

चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स साइनो वीबो और बायडू पर आधिकारिक अकाउंट्स के जरिए भारत में श्मशान घाटों और चिताओं की फोटो को शेयर करके मज़ाक बनाया जा रहा है.

मोदी को एक नई टीम की जरूरत है, जिसे पूरी ताकत देनी होगी

बंगाल से मिले साफ संदेश के बावजूद मोदी ने मंत्रिमंडल में फेरबदल करने के बारे में ‘सोचना’ अगर नहीं शुरू किया है तो इसके केवल दो कारण हो सकते हैं. पहला यह कि सारे फैसले तो पीएमओ से ही किए जाते हैं; दूसरी वजह अति आत्मविश्वास और निश्चिंतता हो सकती है.

भारत को सैन्य पृष्ठभूमि का रक्षा मंत्री चाहिए, बेशक इसके साथ खतरा भी जुड़ा है

मोदी सरकार ने रक्षा के महकमे में कई सुधारों की शुरुआत की है लेकिन केवल राजनीतिक क्षमता व कौशल रखने वाला रक्षा मंत्री शायद ही उन सुधारों को आगे बढ़ा पाएगा.

किसानों ने Covid का सामना कर रिकॉर्ड स्तर पर गेहूं और चावल बेचे, अब PDS के विस्तार का समय है

कोविड रिस्क के बावजूद किसानों ने पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान में न केवल फसल की कटाई की बल्कि उसे मंडियों में भी बेचा. बिहार और यूपी को जरूर सबक लेनी चाहिए.

क्या कोरोना महामारी से निपटने के लिए आपातकाल लागू करने का समय आ गया है?

मन में सवाल उठ रहा है कि अगर यह स्थिति आपातकाल लागू करने के लिये उपयुक्त नहीं है तो फिर किन परिस्थितियों को आपातकाल माना जाय.

बंगाल ने भाजपा के अश्वमेध यज्ञ को रोक दिया, आखिरकार भारत को एक अवसर हाथ लगा है

विजय की इस घड़ी में भी भारतीयों को ये बात स्वीकार करनी चाहिए कि पश्चिम बंगाल और केरल में बीजेपी की अपमानजनक हार की कथा लोकतंत्र पर दावेदारी के लिए जारी संघर्ष की कथा का विस्तार नहीं करती.

क्या भारत फिर से ‘तीसरी दुनिया’ का देश बन गया है? कोविड ने महाशक्ति बनने की चाह वाले देश की विडंबना को उजागर किया

हाल में कुछ कामयाबियों के कारण एक नयी कहानी लिखी जाने लगी. खास तौर से कुछ देशभक्त आंखों को भारत ‘तीसरी दुनिया’ से निकलकर ‘उभरते बाज़ार’, यहां तक कि उभरते ‘सुपर पावर’ के रूप में नज़र आने लगा.

मई दिवस- मोदी सरकार ने कैसे भारत को एक भयानक संकट के बीच लाकर खड़ा कर दिया

किसी ने यह देखने की कोशिश नहीं की कि भारत के पास पर्याप्त वैक्सीन, ऑक्सीजन, रेमडिसिविर दवा है या नहीं. अब देश ऐसे संकट में फंस गया है कि चार दशक बाद हम विदेशी मदद के मोहताज हो गए.

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मृत मानी जा रही 103 वर्षीय महिला अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच जीवित मिली

नागपुर, 14 जनवरी (भाषा) नागपुर जिले के रामटेक कस्बे में मृत मानी जा रही 103 वर्षीय गंगाबाई सावजी सखारे अंतिम संस्कार से कुछ घंटे...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.