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Tuesday, 24 March, 2026
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आतंक की वापसी: दिल्ली ब्लास्ट ने तोड़ी सुरक्षा की ‘रेड लाइन’, कई सवाल खड़े

भारत ने इस साल मई में ऑपरेशन सिंदूर के ज़रिये JeM को सबक सिखाया था और उसे बदले की धमकियां भी मिली थीं. अब वह सामने आ रहा है.

असम का एंटी-पॉलीगेमी बिल मुस्लिम महिलाओं के लिए एक बड़ा कदम है, यह समुदाय पर हमला नहीं है

अगर महिलाओं को समान इज़्ज़त देने की मांग को ‘किसी समुदाय को निशाना बनाना’ कहा जाए, तो शायद हर समुदाय को तब तक ‘निशाना’ बनाया जाना चाहिए जब तक बराबरी सबके लिए न हो जाए.

बिहार चुनाव: 10 पॉइंट्स में समझें एनडीए की सुनामी और महागठबंधन की हार

गठबंधन पार्टियों का वोट शेयर कम नहीं हुआ है. इस चुनाव का मुख्य संदेश यही है कि आपका पक्का वोट बैंक कोई नहीं छीन सकता. “दूसरों” को जोड़ने के लिए आपको गठबंधन बनाना ही होगा.

विराट, अनुष्का, बुमराह बेच रहे सरिया और सीमेंट, डेंटिस्ट और वेट—‘रर्बनाइजेशन’ में रंगी बिहार की दीवारें

पीढ़ियों से बिहार की सबसे बड़ी समस्या इसकी शहरीकरण की भारी कमी रही है, लेकिन अब, बिहार भी शहरी हो रहा है. या यूं कहें, ‘रर्बन’ हो रहा है. नीतीश कुमार के दो दशकों के शासन ने उसके शहरों में एक नया एलीट वर्ग खड़ा कर दिया है.

कैसे नीतीश कुमार ने वोटर व्यवहार के सारे नियम उलट दिए

आम धारणा यह है कि अगर कोई सरकार लोगों की हालत नहीं सुधारती, तो उसे सज़ा मिलती है, लेकिन नीतीश कुमार ने 20 साल में आर्थिक बदहाली के बीच सरकार चलाई और फिर भी भारी बहुमत से जीत गए.

ज़ोहरान ममदानी की न्यूयॉर्क जीत ने याद दिलाई गुजराती मुस्लिमों की भूली-बिसरी कहानी

मुगल दौर के बंदरगाहों से लेकर डचों से हुए समुद्री युद्धों और बॉम्बे के व्यापारी घरानों तक — गुजराती मुस्लिमों ने कभी हिंद महासागर की दुनिया को आकार दिया था, बहुत पहले, जब उनके एक वंशज ने न्यूयॉर्क जीता.

ऑपरेशन सर्प विनाश — 2003 का वह भूला हुआ अभियान जिसने भारत की आतंकवाद से लड़ाई की दिशा बदल दी

लेफ्टिनेंट जनरल हरदेव सिंह लिड्डर की किताब ऑपरेशन सर्प विनाश बताती है कि 2003 में राजौरी-पुंछ इलाके से आतंकियों के ठिकाने खत्म करने का भारतीय सेना का अभियान आज भी क्यों अहम है.

भारत की खुफिया एजेंसियां भले आलोचना झेलती हों, लेकिन आतंक से निपटने में वही देश की असली ढाल हैं

दिल्ली धमाका किसी बड़े आतंकी अभियान की शुरुआत हो सकता है. इसे सिर्फ ‘इंटेलिजेंस फेल्योर’ कहना गलत है.

ग़ाज़ा में शांति योजना बन रही है, क्या इसमें भारत की कोई भूमिका है?

गाज़ा में संघर्ष के दोनों पक्ष अगर किसी एक देश पर भरोसा करते हैं तो वह भारत ही है. इजरायल कुछ अरब तथा मुस्लिम देशों पर भरोसा नहीं करता, और फिलस्तीन को किसी पश्चिमी देश के प्रभाव या भागीदारी का संदेह है.

मिशन त्रिशूल से मोहन भागवत की यात्राओं तक: बिहार में क्या खोज रहा है RSS?

मंडल की राजनीति ने पिछड़ों, दलितों और अति पिछड़ों की पहचान को राजनीतिक चेतना में बदल दिया है. ऐसे में, RSS का एकीकृत हिंदू समाज का विचार उस विविधता से टकराता है जो बिहार की राजनीति की आत्मा है.

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छोटे दलों के साथ सीट बंटवारे को लेकर बातचीत अंतिम चरण में : अन्नाद्रमुक प्रमुख पलानीसामी

चेन्नई, 24 मार्च (भाषा) अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के महासचिव ई के पलानीसामी ने मंगलवार को कहा कि टीएमसी (एम)...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.