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Saturday, 17 January, 2026
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इमरान खान ने शहरयार अफरीदी को UNGA में कश्मीर पर बोलने भेजा लेकिन वे टाइम्स स्क्वायर में व्लॉगिंग कर रहे हैं

विश्व के सभी आला दर्जे के नेता इस सप्ताह न्यूयॉर्क में हैं और साथ ही पाकिस्तान की कश्मीर मामलों की समिति के अध्यक्ष शहरयार अफरीदी भी. लेकिन वे तो लीवायज़ की कमीज में घूम रहे हैं और अमेरिकी महिलाओं और बेघरों पर टिप्पणी कर रहे हैं.

भविष्य में रोजगार पाने वालों से लेकर कमतर रोजगार वालों तक, यही करेंगे भारत के अगले जनांदोलन का नेतृत्व

हमारे पास पहली बार एक ऐसा समूह है जो कि रोजगार को लेकर पूरे देश में जनांदोलन का नेतृत्व कर सकता है.

सर्वे- पंजाब में कांग्रेस के फैसले और अगले मुख्यमंत्री पर क्या कहते हैं जाट और दलित सिख

प्रश्नम ने अपने सर्वे में पंजाब के मतदाताओं से पूछा कि आगामी विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद के लिए चरणजीत चन्नी, अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू में से कौन कांग्रेस का चेहरा होना चाहिए.

भारत में दो तरह के मुख्यमंत्री होते हैं-एक रीजनल स्टार और दूसरे कांग्रेस-भाजपा के रहमोकरम वाले

निरंतर उत्कर्ष की ओर बढ़ते केजरीवाल, ममता, और जगन मोहन सरीखे मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ कांग्रेस और भाजपा के कमजोर मुख्यमंत्री भी हैं जिन्हें आलाकमान जरूरत पड़ने पर हटा कर ज्यादा ‘फायदेमंद’ चेहरे को सामने ले आता है.

जनरल रावत का ‘सभ्यता का टकराव’ विवाद दिखाता है, कि सेना को प्रेस में सुनाई नहीं सिर्फ दिखाई देना चाहिए

COAS और CDS दोनों हैसियत से जनरल बिपिन रावत की मीडिया में मौजूदगी ने, अपने पीछे बेतुकी बातों और विचारों का एक ऐसा सिलसिला छोड़ा है, जिसने अनावश्यक विवादों को जन्म दिया है.

पाकिस्तान में मौलवी और फौज के अलावा भी तालिबान को मिल रहा समर्थन

‘कट्टरपंथ’ का महिमामंडन पाकिस्तान के कट्टरपंथी गुटों में ही नही बल्कि सरकारी महकमे में भी ‘वाजिब’ माना जाने लगा है

पंजाब में सोशल इंजीनियरिंग का फॉर्मूला कहीं गांधी और सिद्धू के गले की फांस न बन जाए

अगर चन्नी वह सब करने में सफल रहे जो अमरिंदर पिछले चार सालों में नहीं कर पाए थे, तो गांधी परिवार के लिए उन्हें दरकिनार करना मुश्किल हो जाएगा. इससे सिद्धू के लिए राह कठिन ही होगी.

बुजुर्गों के हितों की रक्षा का कानून होने के बावजूद क्यों हो रहा है उनका तिरस्कार

हमारे सामाजिक मूल्यों में तेजी से आ रहे बदलाव की वजह से आज बुजुर्गों को अपनी ही संपत्ति में सुरक्षित रहने और संतानों की...

राजा महेन्द्र प्रताप सिंह के बहाने जाट कैसे पटेंगे? एक हाथ से दो तरबूज क्यों कर उठेंगे

किसानों में छोटे और बड़े का विभाजन पैदा करके उन्हें जातीय अस्मिता की राजनीति में उलझाया जा रहा है. राजा महेन्द्र प्रताप सिंह के जाट होने की याद दिलाकर उनके नाम पर विवि के शिलान्यास के पीछे यही राजनीति है, जिसका उद्देश्य है पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुल जनसंख्या के 17 प्रतिशत से ज्यादा जाट किसानों को पटाना.

सवर्ण तुष्टीकरण के लिए लाया गया था EWS आरक्षण, अब होगी इसकी पड़ताल

गरीबी के आधार पर दिया जाने वाला ये एकमात्र आरक्षण है, लेकिन सरकार ने गरीबी की जो परिभाषा तय की है वह गरीबी रेखा या बीपीएल नहीं है.

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चंदौली में पिकअप वाहन ने मोटरसाइकिल सवार दंपति को मारी टक्कर, दोनों की मौत

चंदौली (उप्र), 16 जनवरी (भाषा) चंदौली जिले के बबुरी थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने मोटरसाइकिल सवार दंपति को जोरदार...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.