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Monday, 2 March, 2026
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यह महाशक्तियों के हितों का टकराव ही नहीं है, यूक्रेन संकट से भारत को भी है खतरा

यह अनुमान लगा पाना मुश्किल है कि यूक्रेन में महाशक्तियों के बीच जारी संघर्ष कब खत्म होगा. लेकिन, इतना तय है कि यह हर हाल में, दशकों तक भारत की विदेश नीति को प्रभावित करेगा.

क्या हिजाब चॉइस है? भारत फ्रांस की तरह चाकू की नोंक पर धर्मनिरपेक्षता की रक्षा नहीं कर सकता

फ्रांस और कर्नाटक के बीच सबसे बड़ा अंतर यह है कि फ्रांस में तो तमाम धार्मिक प्रतीकों, चाहे वह हिजाब हो या पगड़ी या ईसाई सलीब, किसी की अनुमति नहीं है

आक्रामकता, हिंदुत्व पॉलिटिक्स की नींव में छिपा है BJP की ‘मोदी लहर’ का सच, विपक्ष के पास क्या है इसकी काट

भाजपा के आलाकमान - अमित शाह, नरेंद्र मोदी, जेपी नड्डा, योगी आदित्यनाथ आदि भ्रष्टाचार, जातिवाद, गुंडागर्दी आदि मुद्दों पर एक रणनीति के तहत अखिलेश यादव को चारों तरफ़ से राजनीतिक घेराबंदी करने का प्रयास कर रहे हैं.

इंदिरा गांधी के ‘हिंदू धर्म खतरे में’ से लेकर कर्नाटक का हिजाब विवाद- यही तो जिहादी चाहते हैं

लेबनान, यूगोस्लाविया, पाकिस्तान और श्रीलंका गवाह है कि स्थानीय या धार्मिक तनावों को खत्म न कर पाने वाले राष्ट्रों के साथ क्या होता है.

पिछले एक दशक में जनता ताकतवर, जनतंत्र रंगीन हुआ है

जनतंत्र तभी मजबूत होगा जब जनता अपने ऊपर थोपी गई चीजों को तोड़कर आगे निकलने का प्रयास करे. यह वही वक्त है. अभी वही बदलाव हो रहा है, चाहे अच्छा लगे या बुरा.

अयोध्या में इस बार जातीय समीकरण ही बेड़ा पार लगा और डुबा रहे लगते हैं

अयोध्या सीट पर उसने वेद गुप्ता को ही फिर आगे किया तो इसे नाराज व्यापारियों को साधने की कोशिश के तौर पर भी देखा गया.

एक धर्मनिरपेक्ष देश अपने सभी विद्यार्थियों के लिए धर्मनिरपेक्ष पोशाक का आदेश देता है तो यह बिलकुल सही है

जब हिजाब के कारण शिक्षा का अधिकार महिला से छीना जाता है, तब मैं कहना चाहती हूं की महिला हिजाब में भी हो तो उसे शिक्षा दी जाए. बुरखा से पहचान छिपने की समस्या होती है हिजाब से नहीं. लेकिन जब महिला को हिजाब पहनने के लिए मजबूर किया जाएगा, तब मैं इसका विरोध करते हुए कहूंगी कि वह इसे उतार फेंके.

मैन्युफैक्चर्ड माल के निर्यात को बढ़ावा देने का समय अभी नहीं बीता है, लेकिन रुपये की कीमत से मुश्किल बढ़ी

भारत ने बाहरी पूंजी के लिए दरवाजे ज्यादा से ज्यादा खोल कर, जिससे रुपया और ऊपर चढ़ता है, अपनी मुश्किलें खुद बढ़ाई हैं. देश में रोजगार बढ़ाने की जगह विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों को प्राथमिकता दी गई है.

1980 के दशक में पंजाब में उग्रवाद उभरने की मूल वजह थी धार्मिक असहिष्णुता, यह फिर से बढ़ी रही

हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी से साफ संकेत मिलता है कि पाकिस्तान की आइएसआइ और खालिस्तानी आतंकवादी संगठन अलगाववाद को फिर से उभारने की कोशिश कर रहे हैं

धर्मनिरपेक्ष देश कभी नहीं रहा भारत, हिंदू वर्चस्व के कारण हिजाब बन गया विवादास्पद

जब किसी सरकारी इमारत, पुल या रेल लाइन आदि का उद्घाटन होता है तो पूजा होती है और नारियल फोड़ा जाता है. यहां तक कि समुद्री पोत या युद्धक विमान को जब फौज में शामिल किया जाता है, तो रक्षा मंत्री सहजता से उस पर हिंदू धार्मिक चिन्ह स्वस्तिक बनाते हैं या नारियल फोड़ते हैं.

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लखनऊ, एक मार्च (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने रविवार को कहा कि होली केवल रंगों का...

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