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Monday, 2 March, 2026
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अमेरिका में रह रहे NRIs ने योगी आदित्यनाथ के बारे में मुझसे पूछे ये पांच सवाल

पूरे अमेरिका में बसे भारतीय मूल के लोगों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कामकाज और उनकी चुनावी संभावनाओं के बारे में कई कठिन सवाल पूछे.

बसपा जैसी पार्टियों का आकलन सिर्फ चुनावी सफलता के आधार पर करना गलत है

बसपा उत्तर भारत की एक मात्र ऐसी पार्टी है जिसने सदियों से समाज में हर प्रकार के अन्याय और अत्याचार सहने वाले एक बहुत बड़े वर्ग को बहुजन के रूप में एक राजनीतिक पहचान दी.

पंजाब में ‘आप’ जीते या हारे, उसका चुनावी प्रदर्शन भारतीय राजनीति को नया रूप दे सकता है

क्या केजरीवाल भाजपा की बाजी उसी तरह पलट सकते हैं जिस तरह मोदी ने कांग्रेस की बाजी तब-तब पलटी जब-जब किसी कांग्रेसी नेता ने उन्हें ‘मौत का सौदागर’ या ‘चायवाला’ या ‘चोर चौकीदार’ कहा?

यूपी के लिए ब्राह्मण उम्मीदवार बीजेपी की प्राथमिकता नहीं. सवर्ण जाति के टिकट राजपूतों के लिए हैं

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में जातिवार प्रतिनिधित्व के मामले में लगता है आखिरकार बीजेपी ने पिछली गलतियों की ओर ध्यान दिया.

गंदगी ढोने का जरिया बन चुकीं नदियों का जीना-मरना चुनावी मुद्दा क्यों नहीं

इंग्लैंड की यॉर्क यूनिवर्सिटी द्वारा दुनिया भर की नदियों पर हाल में ही किये गये शोध से खुलासा हुआ है कि अब नदियों के जल के लिए पैरासिटामोल, निकोटिन व कैफीन के अलावा मिर्गी और मधुमेह आदि की दवाएं भी खतरा बनती जा रहीं हैं.

इमरान खान के ‘नया पाकिस्तान ‘ के पास है पुरानी ‘गटर’ की समस्या, मगर पिक्चर अभी बाकी है

करीब चार साल बाद रेहाम खान के बहुचर्चित संस्मरण का साया फिर उभर आया. लगता है उनकी किताब सदाबहार है

क्या आप उसी पर टूट पड़ेंगे जिस पर ‘डाइट’ लिखा हो? डाइट सोडा पर दोबारा सोचिए

डाइट सोडा कैलोरी और सूगर की खुराक घटाने का बेहतर विकल्प है, मगर उससे ज्यादा कुछ नहीं. इस ड्रिंक में कोई और पौष्टिक तत्व नहीं

BJP के पास UP में 2ab है, बाकी राजनीतिक दलों के पास क्या है?

2ab का मतलब है भावनात्मक मुद्दे. राजनीति दरअसल मानव जीवन और व्यवहार का ही विस्तार है. इसलिए अगर जीवन में भावनाओं का महत्व है, तो ये मानना कतई गलत होगा कि राजनीति में भावनाओं और भावनात्मक मुद्दों की जगह नहीं है.

दो पंजाब- चुनाव प्रचार की जुबान इतनी जुदा क्यों?

हमारे पंजाब में विधानसभा के लिए मतदान 20 फरवरी को है और प्रचार की मुख्य भाषा जाहिर तौर पर पंजाबी है. पंजाब के सब शिखर नेता प्रचार पंजाबी में कर रहे हैं पर सरहद के उस पार यानी पाकिस्तान में पंजाब के बड़े नेता सभाओं में उर्दू में बोलते हैं. वहां पंजाब की असेंबली में पंजाबी बोलने पर निषेध हैं. जुबान के स्तर पर सरहद के आरपार के पंजाब में इतना अंतर क्यों?

पूरे समाज का भला इसी में है कि महिलाओं को शिक्षा, रोजगार मिले और इसके लिए पहनावे को शर्त न बनाएं

मुसलमानों में महिला साक्षरता और उच्च शिक्षा का अनुपात सबसे कम है. सभी समुदायों में काम करने वाली उम्र की महिलाओं में रोजगार कर रहीं या काम करने को इच्छुक महिलाओं का अनुपात मात्र 20 प्रतिशत है.

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मोदी ने इजराइली प्रधानमंत्री से बातचीत में पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की

नयी दिल्ली, दो मार्च (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात कर पश्चिम एशिया की...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.