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Monday, 2 March, 2026
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बेरोजगार UP में राशन, भाषण, कड़ा प्रशासन योगी के मूल मंत्र थे; बीजेपी ने इसमें इमोशन और जोड़ दिया

मोदी, अमित शाह और आदित्यनाथ की बीजेपी ने लोगों की आकांक्षाओं को ऐसे घुमाया, जो महसूस की जा सकें मगर दिखे नहीं, और यह तरकीब काम कर गई

अगर यूपी में BJP जीतती है तो समझिए कि पार्टी ने बूथों पर नहीं बल्कि लोगों के दिलो-दिमाग पर कब्जा किया है

क्या अखिलेश यादव और उनकी समाजवादी पार्टी के पक्ष में दिख रहा जनसमर्थन महज भ्रम था? पूरी तरह नहीं. लेकिन, यूपी विधानसभा चुनाव 2022 के एग्जिट पोल के नतीजे दिखाते हैं कि हम असल सवालों से भटक गए.

डिजिटल रुपया लॉन्च करने से पहले RBI को स्पष्ट करना चाहिए कि भारतीयों के लिए इसमें क्या प्रोत्साहन हैं

भविष्य में डिजिटल रुपया अपनाने के परिदृश्यों के बारे में सोचने के लिए, बैकवर्ड इंडक्शन एक ठोस तरीक़ा पेश करता है. बैकवर्ड इंडक्शन किसी स्थिति के अंत से, समय में पीछे जाकर तर्क करने की प्रक्रिया होती है, जिससे सबसे अच्छे उपायों का क्रम तय किया जा सके.

यूक्रेन की जंग विश्व युद्ध में न बदले, इसके लिए ताकत दिखाने के बदले चाहिए ईमानदार सोच

पश्चिम को समझना होगा कि रूस की ताकत घट रही है, मगर ज्यादा दबाया गया तो वह जवाब देगा, जैसे वर्सेल्स में अपमानजनक सुलह पर मजबूर होने के बाद जर्मनी ने किया था.

रुक्मिणी देवी अरुंडेल: ‘भरतनाट्यम की उद्धारक’, जिन्हें महिलावादी भी भूल गये और मानवतावादी भी

24 फरवरी, को रुक्मिणी देवी अरुंडेल ने अंतिम सांस लेने तक उनकी झोली में प्रतिष्ठित पद्मभूषण, संगीतनाटक अकादमी के अवार्ड और फेलोशिप जैसे ढेरों सम्मान आ चुके थे.

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार कम क्यों हुए मतदान

नतीजे आएंगे तो जो भी जीतेगा, जनादेश को अपनी करतूत के पक्ष में मानेगा और जो हार जाएगा, दूसरी तरह के सवाल उठाएगा. लोकतांत्रिक चेतनाएं और मूल्य दूषित कर दिये जाएं तो लोकतंत्र के पेड़ों में ऐसे विषफल ही फलते हैं.

अखिलेश यादव की चुनौती: आजतक कोई भी रीजनल पार्टी BJP सरकार को कभी भी चुनाव में कुर्सी से उतार नहीं पाई

भाजपा 2017 में यूपी में सपा को गद्दी से उतारने के सिवा किसी और क्षेत्रीय दल को कभी अपने बूते सत्ता से नहीं हटा सकी है लेकिन वर्तमान चुनाव के संदर्भ में यह तथ्य भी गौरतलब है कि कोई भी क्षेत्रीय दल भाजपा को भी सत्ता से कभी हटा नहीं पाया है.

1962 से लेकर यूक्रेन तक- भारत की गुटनिरपेक्ष नीति के लिए तीन सबक

जैसे कि अतीत में अक्सर कई बार हो चुका है, नई दिल्ली जिसे 'रणनीतिक स्वायत्तता' कहती है, वह दरअसल कठिन विकल्पों को टालने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सिर्फ एक सजी-संवरी भाषा हो होती है.

वैश्वीकरण खत्म हुआ तो लुभाने लगी ‘किलाबंद अर्थव्यवस्था’, लेकिन भारत को अपनी हदें पहचानने की जरूरत

भारत वैश्विक सप्लाइ चेन से अलग नहीं हो सकता और वह ऊर्जा, हथियारों के कल-पुर्जों आदि के लिए आयात पर निर्भर रहेगा. आत्म-निर्भरता अधूरा समाधान है क्योंकि अपने में सीमित अर्थव्यवस्था अच्छा प्रदर्शन नहीं करती.

लाभार्थी मोदी को UP चुनाव जिता सकते हैं, अगर ऐसा हुआ तब PDS का कवरेज भारत में कम नहीं होने वाला

उत्तर प्रदेश में NFSA और PMGKAY की जरूरत पूरी करने के हिसाब से पर्याप्त खरीदी नहीं हो पाती है, इसलिए उसे पंजाब और हरियाणा के किसानों पर निर्भर रहना पड़ता है.

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नीतीश कुमार ने सैदपुर व बाकरगंज भूमिगत नाला व सड़क निर्माण का निरीक्षण किया

पटना, दो मार्च (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को सैदपुर और बाकरगंज भूमिगत नाला सह सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण किया...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.