क्या अखिलेश यादव और उनकी समाजवादी पार्टी के पक्ष में दिख रहा जनसमर्थन महज भ्रम था? पूरी तरह नहीं. लेकिन, यूपी विधानसभा चुनाव 2022 के एग्जिट पोल के नतीजे दिखाते हैं कि हम असल सवालों से भटक गए.
भविष्य में डिजिटल रुपया अपनाने के परिदृश्यों के बारे में सोचने के लिए, बैकवर्ड इंडक्शन एक ठोस तरीक़ा पेश करता है. बैकवर्ड इंडक्शन किसी स्थिति के अंत से, समय में पीछे जाकर तर्क करने की प्रक्रिया होती है, जिससे सबसे अच्छे उपायों का क्रम तय किया जा सके.
पश्चिम को समझना होगा कि रूस की ताकत घट रही है, मगर ज्यादा दबाया गया तो वह जवाब देगा, जैसे वर्सेल्स में अपमानजनक सुलह पर मजबूर होने के बाद जर्मनी ने किया था.
24 फरवरी, को रुक्मिणी देवी अरुंडेल ने अंतिम सांस लेने तक उनकी झोली में प्रतिष्ठित पद्मभूषण, संगीतनाटक अकादमी के अवार्ड और फेलोशिप जैसे ढेरों सम्मान आ चुके थे.
नतीजे आएंगे तो जो भी जीतेगा, जनादेश को अपनी करतूत के पक्ष में मानेगा और जो हार जाएगा, दूसरी तरह के सवाल उठाएगा. लोकतांत्रिक चेतनाएं और मूल्य दूषित कर दिये जाएं तो लोकतंत्र के पेड़ों में ऐसे विषफल ही फलते हैं.
भाजपा 2017 में यूपी में सपा को गद्दी से उतारने के सिवा किसी और क्षेत्रीय दल को कभी अपने बूते सत्ता से नहीं हटा सकी है लेकिन वर्तमान चुनाव के संदर्भ में यह तथ्य भी गौरतलब है कि कोई भी क्षेत्रीय दल भाजपा को भी सत्ता से कभी हटा नहीं पाया है.
जैसे कि अतीत में अक्सर कई बार हो चुका है, नई दिल्ली जिसे 'रणनीतिक स्वायत्तता' कहती है, वह दरअसल कठिन विकल्पों को टालने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सिर्फ एक सजी-संवरी भाषा हो होती है.
भारत वैश्विक सप्लाइ चेन से अलग नहीं हो सकता और वह ऊर्जा, हथियारों के कल-पुर्जों आदि के लिए आयात पर निर्भर रहेगा. आत्म-निर्भरता अधूरा समाधान है क्योंकि अपने में सीमित अर्थव्यवस्था अच्छा प्रदर्शन नहीं करती.
उत्तर प्रदेश में NFSA और PMGKAY की जरूरत पूरी करने के हिसाब से पर्याप्त खरीदी नहीं हो पाती है, इसलिए उसे पंजाब और हरियाणा के किसानों पर निर्भर रहना पड़ता है.