इसी भ्रष्टाचार के चलते बड़ी संख्या में उच्च व मध्य वर्ग के लोगों ने गरीबों वाले राशनकार्ड बनवा रखे हैं, जिनकी बिना पर वे, जैसे गरीबों के लिए बताई जाने वाली दूसरी योजनाओं के वैसे ही, मुफ्त राशन योजना के लाभ भी लूटते रहे हैं.
निवारक नज़रबंदी का चलन जारी है क्योंकि भारत में पुलिस की जांच प्रक्रिया में बहुत बदलाव नहीं किया गया, और न ही मुकदमा चलाने वालों में उतना कानूनी कौशल है.
जोंती मुख्य रूप से जाटों का गांव हैं. पर इधर वाल्मिकी, ब्राहमण, सैनी और दूसरी जातियों के परिवार भी रहते हैं. जोंती में आपको पंच,पंचायत हुक्का,सिर ढकी महिलाएं दिखती हैं.
सरखेल यानी एडमिरल का दर्जा रखने वाले कान्होजी की नौसेना ने अंग्रेजों और पुर्तगालियों के सामने खुद को कमजोर नहीं पड़ने दिया जबकि उनके बेड़े का कभी सही मायने में आधुनिकीकरण तक नहीं हुआ था. भारतीय नौसेना इससे बहुत कुछ सीख सकती है.
यह तो निर्विवाद तथ्य है कि मंदिर तोड़े गए और मस्जिदें बनाई गईं, अब उस इतिहास को बदला नहीं जा सकता लेकिन सौहार्द पर विचार करने से पहले हम अतीत की गलतियों से इनकार नहीं कर सकते.
फिलहाल तो बिहार देश का एक ऐसा अभिशप्त प्रदेश है जो खराब शिक्षा, स्वास्थ्य से लेकर बेरोजगारी का गहरा दंश झेल रहा है और संभावनाओं की तलाश में लगातार राज्य छोड़कर निकलने को मजबूर हो रहा है.
इतिहास को करेक्ट करने की 'कट ऑफ लाइन' क्या होगी? हिंदुत्व की विचारधारा चाहती है कि इतिहास को ठीक करने का काम पांच-छह सौ साल पहले तक ही हो और उससे पहले जो हुआ, उसे भूल जाना चाहिए.
जेडी (यू) के पास अभी भी लोकसभा में 12 और राज्य विधानसभा में 85 सदस्य हो सकते हैं, लेकिन नीतीश कुमार के बिना पार्टी के सामने नेतृत्व की बड़ी कमी खड़ी हो गई है.