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Sunday, 29 March, 2026
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असम की तस्वीर बता रही कि वहां पर्यावरण दुनिया का सबसे बड़ा विस्थापन करने जा रहा है

सेंट्रल वाटर कमीशन का डाटा के मुताबिक औसतन 26 लाख लोग हर साल असम में बाढ़ से प्रभावित होते है. अभी भी ढाई लाख से ज्यादा लोग राहत शिविरों में है. 60 हजार पालतू जानवर इस बाढ़ में बह गए और जंगली जानवरों का अब तक कोई डाटा सामने नहीं आया है.

राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीति से इतर अब ‘सहकारी क्षेत्र’ पर अमित शाह की नज़र

शाह और प्रधानमंत्री मोदी की सहकारी क्षेत्र में दिलचस्पी जाहिर है कि राजनीति के खेल का हिस्सा है. सहकारी क्षेत्र में 30 करोड़ देशवासी जो जुड़े हुए हैं.

ईश-निंदा के विरोध में भारत में पहला कत्ल करने वाले को पाकिस्तान में कैसे शहीद बना दिया गया

इल्मुद्दीन के कबूलनामे में कहीं यह नहीं कहा गया है कि वह पैगंबर की निंदा करने वाली किताब ‘रंगीला रसूल’ के प्रकाशन के बाद भड़के सांप्रदायिक उन्माद से प्रभावित था.

भारत में ईशनिंदा के लिए सिर कलम करने वालों का एक ‘नया दर्शक’ स्मार्टफोन लिए बैठा है

सोशल मीडिया पर ईश-निंदा हत्याओं का वीडियो जारी करना खास पहलू बन गया है और हर वीडियो सांप्रदायिक प्रतिस्पर्धियों को और घिनौने प्रतिशोध लेने को उकसाता है.

रुपये की ‘रिकॉर्ड गिरावट’ से बहुत चिंतित होने की जरूरत क्यों नहीं है

‘मजबूत मुद्रा’ की नीति बनाने वाले यह भूल जाते हैं कि दीर्घकालिक विकास की सफलता का रेकॉर्ड रखने वाले प्रायः हर देश ने निर्यात बाज़ार को जीतने के लिए ‘कमजोर मुद्रा’ की नीति अपनाई

महाराष्ट्र में चला सियासी खेल नैतिक और राजनीतिक से कहीं ज्यादा वैचारिक है

बाल ठाकरे कुछ भी कर सकते थे, घंटे भर में अपनी दिशा बदल सकते थे. अगर वे यह चाहते थे कि ठाकरे कुनबा औपचारिक सत्ता से अलग रहे तो इसकी भी एक वजह थी.

सत्ता पर पूर्ण पकड़ की BJP की छटपटाहट का कारण उसकी अपनी कमजोरी है

मैं योगेंद्र यादव की बात से सहमत नहीं हूं. मेरी मान्यता है कि बीजेपी की सत्ता पर पकड़ दरअसल ढीली है और उसके द्वारा मचाया जा रहा उत्पात उसकी कमजोरी का परिणाम है.

पावर, पार्टी, गौरव, पिता की विरासत- उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र में क्या-क्या गंवाया

एकनाथ शिंदे को सीएम की कुर्सी पर बिठाने की भाजपा की रणनीति दिग्गज राजनेता शरद पवार की महाराष्ट्र के किंग-मेकर छवि पर भारी पड़ गई है. पार्टी ने एनसीपी प्रमुख का हिसाब किताब चुकता कर दिया है.

उदयपुर की हत्या पश्चिमी इस्लामी कट्टरपंथ के पैटर्न पर फिट बैठती है, पर इसका राजनीतिकरण न करें

नूपुर शर्मा के समर्थकों से लेकर उदारवादियों तक सबको समझ लेना चाहिए कि उदयपुर की वारदात से कई चालू निष्कर्ष निकाल लेना खतरनाक है.

उडुपी से उदयपुर तक के सफर में हम एक बेलगाम राजनीति का उदय देख रहे हैं – ये है मोदी की टोटल पॉलिटिक्स

जुबैर की गिरफ्तारी पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने की अविराम कोशिश का ही एक नमूना है. उसकी गिरफ्तारी सिर्फ बदला लेने भर का मामला नहीं.

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खाड़ी युद्ध ने भारत की कमजोरियां उजागर कीं, अब राष्ट्रीय हित में आत्ममंथन का वक्त है

सरकार कड़वा सच क्यों नहीं बोल सकती, इसे समझना बहुत आसान है. तमाम युद्धों की तरह यह युद्ध भी जब रुक जाएगा तब भी भारत के हित विजेता के साथ भी जुड़े होंगे और हारने वालों के साथ भी.

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राजनीति

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दिल्ली का अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान कर रहा:मंत्री कपिल मिश्रा

नयी दिल्ली, 28 मार्च (भाषा) दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने शनिवार को कहा कि दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफडी) प्रतिभाओं के लिए...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.