सवाल है कि इसके बावजूद जो लोग मानते हैं कि कांग्रेस के बगैर कोई राष्ट्रीय विकल्प बन ही नहीं सकता, वे कभी उसे इसका इलहाम करा पायेंगे या नहीं? अगर नहीं तो उससे लगाई गई उनकी उम्मीदें क्योंकर हरी हो सकती हैं?
रविवार की हुई सीडब्ल्यूसी बैठक राहुल गांधी के लिए अपने 'त्याग' के बारे में लग रही अटकलों पर विराम लगाने और यह घोषणा करने हेतु एक आदर्श मंच था कि वह अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे. लेकिन उन्होंने इस बारे में एक शब्द तक नहीं कहा.
सभी व्यावहारिक उद्देश्यों के लिए, भारत की खुफिया सेवाओं ने प्रधान मंत्री की इच्छा से चलने वाले उपकरणों के रूप में काम किया है. उनके संचालन के लिए न तो कोई तयशुदा कानूनी ढांचा है, और न ही कोई जवाबदेही.
साउथ से आने वाली हर फिल्म को अच्छी, उम्दा, शानदार बताने का रिवाज ‘लाइगर’ से हल्का पड़ा है. क्या हिन्दी वालों का साउथ इंडियन फिल्मों से मोहभंग हो रहा है?
चिप उत्पादन के लिए चाहिए जटिल व्यवस्था क्योंकि उसके लिए सामग्री रूस और यूक्रेन सप्लाइ करते हैं, उसके यंत्र जापान से आते हैं, फोटोलिथोग्राफी का यंत्र बनाने में डचों को महारत हासिल है.
जो भी सच में सच्चाई जानना चाहता है, वह आसानी से उन कई घटनाओं को देख सकता है—कश्मीर से लेकर लखनऊ तक, जहां भारतीय मुसलमान आतंकवादी हमलों के खिलाफ सबसे आगे खड़े होकर आवाज़ उठाते रहे हैं.