विभिन्न अध्ययनों के आंकड़े यही बताते हैं कि जेल में बंद हजारों युवाओं को अगर समाज में सम्मानजनक तथा अपराध मुक्त जीवन जीने के लिए हुनरमंद नहीं बनाया गया तो वे अपराध की दुनिया की ओर मुड़ सकते हैं.
भारत-चीन के राजनीतिक तेवर कुछ भी रहे हों और चीनी ऐप्स पर रोक लगाने जैसे प्रतिबंधात्मक कदम क्यों न उठाए गए हों, हकीकत यह है कि चीन के साथ भारत के आर्थिक संबंधों का विस्तार ही हुआ है.
क्यों राजनीतिक विरोध के बावजूद हिंदी दक्षिण भारतीय राज्यों में धीरे-धीरे ही सही फैल रही है, लेकिन दक्षिण की भाषाओं में हिंदी भाषियों की रुचि कतई नहीं जाग रही.
मुजीबुर रहमान ने कहा था कि हमारी धर्मनिरपेक्षता धर्म के खिलाफ नहीं है. मुसलमान अपने धर्म का पालन कर सकते हैं. हिंदू भी अपने धर्म का. बौद्ध अपने धर्म का पालन करें. ईसाई अपने धर्म का. हमारी एकमात्र आपत्ति धर्म को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने को लेकर है.
एलएसी पर बने गतिरोध के दूसरे वर्ष भी जारी रहने के साथ ही मोदी का शिखर सम्मेलन से फिर से अनुपस्थित रहना शी जिनपिंग के चेहरे पर एक कूटनीतिक तमाचे जैसा होता.
इस्लाम दो तरह का है एक अशराफ का इस्लाम और दूसरा पसमांदा का इस्लाम. पसमांदा ऊंच नीच रहित मुहम्मद (स०) के सैद्धान्तिक इस्लाम की वकालत करता है वहीं अशराफ अपने द्वारा व्याखित इस्लाम को ही इस्लाम मानता है.
जो भी सच में सच्चाई जानना चाहता है, वह आसानी से उन कई घटनाओं को देख सकता है—कश्मीर से लेकर लखनऊ तक, जहां भारतीय मुसलमान आतंकवादी हमलों के खिलाफ सबसे आगे खड़े होकर आवाज़ उठाते रहे हैं.