समस्या दरअसल, सत्ताधीशों के उस ‘विवेक’ से है, जो यह समझना ही नहीं चाहते कि फिलहाल एक चौराहे के बहाने लता को स्वरकोकिला से ज्यादा रामभक्त बनाकर एक बड़े समुदाय के सामने पेश किया.
अमेरिका के यहूदी लेखक लुई फिशर ने यदि बापू की जीवनी न लिखी होती तो संभव है कि दुनिया की बापू के बारे में अधिक से अधिक जानने की प्रबल इच्छा ही नहीं होती.
गांधी ने देश को शांतिपूर्ण आंदोलन की ऐसी विरासत दी है जिसके नैतिक बल के आगे बंदूकें तक कमजोर साबित हो जाती हैं. महात्मा गांधी मजबूरी का नहीं बल्कि मजबूती का नाम थे.
दुनिया के वित्तीय, रणनीतिक, आर्थिक केंद्र बने अमेरिका, चीन, यूरोप आज चुनौतियों से रू-ब-रू हैं, ऐसे में उन सुर्खियों से आगे देखने की जरूरत है, जो संरचनात्मक दरारों और अराजकता पर ज़ोर दे रही हैं.
बेहद ध्रुवीकृत समय में, हाशिये पर धकेले गए अल्पसंख्यक पीछे मुड़कर अपनी उन जड़ों और बुनियादों को बचाने में जुट जाते जो उन्हें बहुत प्रिय होते हैं लेकिन राजनीतिक दृष्टि से यह एक खतरनाक जाल बुन सकता है.
अमेरिकी फेडरल बैंक दरें बढ़ा रहा है, तो रिजर्व बैंक को भी रुपये में गिरावट और विदेशी मुद्रा के भंडार को सिकुड़ने से रोकने के लिए दरें बढ़ानी पड़ेंगी लेकिन इससे आर्थिक वृद्धि की रफ्तार थम सकती है.