अगले 10 दिनों में विपक्षी दलों के लिए यह जरूरी होगा कि मतदाताओं के मन में ये बात बैठा दें कि उनकी समस्याओं का समाधान वही कर सकते हैं. हो सकता है उन्हें पांचवां ‘एम’ मिल जाए जिसके बारे में पीके ने सोचा भी नहीं हो.
मैं मानता हूं कि कंगना रनौत और ऐसे तमाम लोगों को जिन्हें सोशल मीडिया ने बिना किसी कानूनी कार्रवाई के ब्लॉक या रिस्ट्रिक्ट किया है, उन्हें अनब्लॉक किया जाए.
कांग्रेस ने न केवल अपनी विचारधारा और चिंतन में दलितों को आत्मसात किया बल्कि उनके नेतृत्व के विकास पर भी बल दिया. आजादी के समय से ही कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता दलित होते रहे.
अर्थव्यवस्था फिलहाल उम्मीद से बेहतर काम कर रही है लेकिन बेरोजगारी, शिक्षा व स्वास्थ्य सेवा की बदहाली जैसे मसले भावी श्रम शक्ति के विकास को अवरुद्ध कर रहे हैं.
भारत के आर्थिक व रणनीतिक हितों में संतुलन बनाकर, रूस और अमेरिका के साथ रिश्ता निभाते हुए और चीन को अपने ऊपर हावी न होने देकर मोदी कुशलता से आगे बढ़ते रहे हैं. अब जी-20 की अध्यक्षता के एक साल का बेशक वे भारत के फायदे के लिए उपयोग करेंगे.
अपनी वापसी के जतन करते हुए इंदिरा गांधी जिस तरह जनता पार्टी में फूट डाली, मोरारजी की सरकार गिराकर कांग्रेस के समर्थन से चौधरी चरण सिंह की सरकार बनवाई, उन्हें लोकसभा का मुंह तक न देखने देकर समर्थन वापस लिया और मध्यावधि चुनाव कराकर फिर से कांग्रेस को सत्ता में लाकर प्रधानमंत्री पद तक पहुंचीं.