भारत-जोड़ो यात्रा निरी पदयात्रा नहीं है. इस यात्रा के साथ हजार बातों का भी सफर जारी है. यात्रा की कामयाबी ही है कि किसी को कोई मुश्किल पेश आ रही है या किसी के दिल में कोई शिकायत घर कर गई है तो ऐसे लोग यात्रा से जुड़ रहे हैं, यात्रा उन्हें अपनी तरफ खींच रही है.
पेरियार की विचार यात्रा को जिन बड़े अध्यायों में बांटा जा सकता है, वे हैं – संविधान के दायरे में राज्यों की स्वायत्तता, केंद्र की सत्ता में उस समय मौजूद कांग्रेस का विरोध, हिंदी भाषा को जबरन थोपे जाने का विरोध, जाति मुक्ति के सवाल और ब्राह्मणवाद का विरोध, सामाजिक न्याय और आरक्षण तथा महिला अधिकार.
पुराने नीति-निर्माताओं का कथित पाखंड भारत में राष्ट्रवादी भावनाओं को उभारने वाला साबित होता है, लेकिन उसे यह तय करना होगा कि क्या वह एक सॉफ्ट पावर के तौर पर प्रशंसा हासिल करना चाहता है या एक मनमाने रवैये वाले राष्ट्र के तौर पर पहचान बनाना चाहता है.
कर्ज उठाने में व्यापक बढ़ोत्तरी से जुलाई-सितंबर की तिमाही में सरकारी बैंकों के शुद्ध मुनाफे में साल-दर-साल के आधार पर करीब 50 फीसदी वृद्धि दिखी, लेकिन एमएसएमई संकट, कर्ज और जमा में वृद्धि की रफ्तार ही आगे का भविष्य तय करेगी.
यूट्यूब पर गुजराती भजनों और गानों की भरमार है. वे यूट्यूब पर वैसे ही लोकप्रिय हैं, जैसे पंजाबी रैप गायक, और उनके दर्जनों गीतों को एक करोड़ से ज्यादा व्यू मिले हैं.
मैं इस विचार से सहमत नहीं हूं कि राहुल गाधी अपनी सारी ऊर्जा 2024 के लिए बचाकर रखना चाहते हैं. ज्यादा मुमकिन है, कांग्रेस ऐसा मान रही हो कि गुजरात जहां बेहद चुनौतीपूर्ण है, वहीं गुजरात के आकार के ही एक अन्य राज्य कर्नाटक में जीत के आसार ज्यादा प्रबल होंगे.
जब संस्कृत-भाषी कुलीनों से अच्छा बर्ताव नहीं होता था तो मुसलमान राजाओं को मलेच्छ बताया जाता था, और उन पर गोहत्या और ब्राह्मणों पर अत्याचार करने का आरोप मढ़ा जाता था.
वह युग बीत गया है जब पुरानी पीढ़ी के नेता समझते थे कि हमारे देश में कई विचारधाराएं चलती हैं और वे सब सम्मान के काबिल हैं. आप किसी के विचार से सहमत न हों तो इसका मतलब यह नहीं होता कि आप उसे बदनाम करें.