जो लोग भाजपा को वोट देते हैं वे इसका समर्थन करते हैं क्योंकि वे नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हैं. स्वतंत्रता संग्राम में जो कुछ भी हुआ, उसके कारण कोई भी भाजपा को वोट नहीं देता.
आजादी के दीवाने प्रायः होली पर देशवासियों को राग-द्वेष भुलाकर एक करने, जगाने और लड़ने को प्रेरित करने की नई कवायदें शुरू करते थे, जो अंग्रेजों को कतई गवारा नहीं होती थीं.
संवैधानिक व्यवस्था ये है कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश तभी लागू होगा, जब या तो संसद संबंधित कानून पास करे या फिर अध्यादेश आए या फिर राष्ट्रपति आदेश जारी करें.
विपक्षी एकता की बात करने वाले ऐसे सभी दलों की लोकसभा संख्या 200 से अधिक नहीं है. कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि स्टालिन कहते हैं, 'तीसरे मोर्चे के लिए विचार व्यर्थ है'.
जिन भारतीय बच्चों के पास स्मार्टफोन हैं, वे इसका ज़्यादातर इस्तेमाल मनोरंजन के लिए करते हैं—जैसे फिल्में देखना या सोशल मीडिया चलाना—न कि पढ़ाई के लिए. क्या यही ‘डिजिटल इंडिया’ का सही इस्तेमाल है?