समझा जा सकता है कि कांग्रेस और बीएसपी के लिए यूपी में समय कितना कठिन है. लेकिन ये भी सच है कि सबसे बुरे दौर में सबसे साहसिक और चौंकाने वाले फैसले लिए जाते हैं.
राज्य में बीरेन सरकार के लगातार कायम रहने से दोनों ही पक्षों की भावनाएं भड़की हुई हैं. कुकी इसे बहुसंख्यकवादी एजेंडा बढ़ाने वाली पक्षपाती सरकार के रूप में देखते हैं, जबकि मैतेई इसे उनकी रक्षा करने में अक्षम मानते हैं.
राजस्थान, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनावों से पहले, प्रतिबद्ध व्यय, अतिरिक्त खर्च आदि जैसे मेट्रिक्स का विश्लेषण उनकी वित्तीय ताकत और कमजोरियों को प्रकट करता है.
पाकिस्तान में इस भयंकर बहस में शामिल होने की कोई इच्छा नहीं है कि कुरान में 'ईशनिंदा की कोई अवधारणा नहीं' है. ईशनिंदा कानून दिखाता है कि असली ताकत मौलवियों के पास है.
कर्नाटक चुनाव में हार, बालासोर त्रासदी, पहलवानों का विरोध और जैक डोर्सी की टिप्पणियां सभी एक के बाद एक तेजी से सामने आई हैं. मोदी सरकार की अपराजेयता चकनाचूर हो रही है.
भारत सरकार और सत्ताधारी बीजेपी ने इन आरोपों को गलत बताया है और इन्हें राजनीति से प्रेरित कहा है. सरकार का पक्ष ये है कि ट्विटर भारतीय कानूनों को मानने से मना कर रहा था और जो भी कार्रवाई हुई है, वह इसी संदर्भ में है.
आजतक न्यूज़ रूम में मुख्य रूप से गैर-ब्राह्मण सवर्ण व्यक्ति शामिल थे. और मृणाल पांडे की प्रशंसा चयनात्मक है साथ ही यह कई जटिल प्रश्नों की जवाब ढूंढती है.
आदित्यनाथ अपनी कट्टर छवि को छोड़ने का जोखिम उठा सकते हैं क्योंकि वो आलाकमान की दखलंदाजी से बहुत आगे बढ़ चुके हैं लेकिन देवेंद्र फडणवीस का अभी वहां पहुंचना बाकी है.
पश्चिमी लिबरलिज़्म अधिकारों से शुरू होता है और समाज को पीछे की ओर डिज़ाइन करता है. धर्म रिश्तों से शुरू होता है. यह मानता है कि आप ज़िम्मेदारियों के जाल में पैदा हुए हैं, और यह जाल एक तोहफ़ा है.