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Monday, 9 February, 2026
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चीन अभी भी गलवान के बारे में झूठ फैला रहा, मोदी सरकार और सेना को जांच करके इस मामले को बंद करना चाहिए

ट्विटर पर चीनी बॉट अकाउंट गलवान झड़प के बारे में गलत सूचना फैला रहे हैं और भारतीय सैनिकों को अपमानित कर रहे हैं. जब तक भारत जवाब नहीं देता, यह विश्वसनीय लगेगा.'

‘याचिका स्‍वीकार की जाती है’, आखिर हर भारतीय के लिए आपातकाल को याद रखना क्यों ज़रूरी है?

1975 में आपातकाल ने लोकतंत्र पर कैसे प्रहार किया था, एक ऐसा काला अध्याय जो भारत की पहचान को धूमिल करता है. देश की जनता को विशेषकर युवा पीढ़ी को उस दिन की समझ ज़रूर होनी चाहिए.

योग, प्रवासी भारतीयों की बातें तो ठीक हैं, मगर भारत-अमेरिका रिश्ते को ‘हार्ड पावर’ ही चमका रहा है

बढ़ती सैन्य और आर्थिक ताकत के कारण भारत अपनी विदेश नीति पर अडिग रह सकता है, रूस से तेल खरीदते हुए पश्चिम की अनदेखी कर सकता है और अंतरराष्ट्रीय क्लबों में जगह बना सकता है.

क्या है ईरान-अमेरिका परमाणु समझौता, पश्चिम एशिया में अपनी साख बचाने की कोशिश में जुटा है अमेरिका

इस समझौते के शर्तों के तहत ईरान अपने अधिकांश परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करने पर सहमत हुआ था और इसके बदले उसे आर्थिक प्रतिबंध से राहत देने का वादा किया गया था.

फंस गए रे ओबामाः तानाशाहों से दोस्ती रखने वाले मोदी के दोस्त ‘बराक’ उन्हें मुसलमानों पर उपदेश दे रहे हैं

भारत में मुसलमानों के प्रति बरताव के मामले में मोदी पर अंगुली उठाकर ओबामा ने इस बहस में हस्तक्षेप किया. लेकिन तानाशाहों से हेलमेल रखते रहे अमेरिका का कोई राष्ट्रपति दूसरों को किस मुंह से उपदेश दे सकते हैं?

ओबामा ने भारत के टूटने की कामना की तो भारत में कुछ लोगों को गुदगुदी क्यों हुई

विदेश नीति और भारत के दूसरे देशों के साथ संबंधों को आम तौर पर पार्टी-पॉलिटिक्स से ऊपर होना चाहिए. लेकिन भारत की राजनीति फिलहाल जहां पहुंच गई है, वहां साझा राष्ट्रीय हित के सवालों पर भी आम सहमति नजर नहीं आती.

भले ही कांग्रेस 2024 के रण के लिए तैयार है, लेकिन क्षेत्रीय नेताओं के PM बनने की चाहत एक बड़ी चुनौती है

प्रधानमंत्री पद के लिए एक मजबूत चेहरे के बिना विपक्ष 2024 में बीजेपी को हरा नहीं सकता. नरेंद्र मोदी को हराना अभी भी मुश्किल है.

अमेरिका में मोदी पर हमला यह दर्शाता है कि IAMC भारतीय मुसलमानों को मोहरे के रूप में इस्तेमाल कर रही है

IAMC जैसे लोगों द्वारा प्रचारित आख्यान अक्सर चुनिंदा कहानियों पर निर्भर करते हैं, और यह चिंता का विषय है कि पश्चिमी मीडिया जमीनी हकीकत को जाने बिना उन्हें स्वीकार कर लेता है.

बीजेपी की चाल के डर से सेक्लुयर राजनीति को समान नागरिक संहिता का मैदान नहीं छोड़ना चाहिए

समान नागरिक संहिता के प्रस्ताव को फिर से लाने के पीछे बीजेपी का मकसद विपक्ष को अल्पसंख्यक समुदाय के रूढ़िपरस्त नेतृत्व के साथ दिखाना है और विपक्ष है कि इस जाल में फंसता जा रहा है.

‘मोदी-बाइडेन के ‘मूल्यों’ की बात करने का एक ही लक्ष्य है, लोकतंत्र के उद्देश्यों को मजबूत करना’, है न?

जब मोदी और जो बाइडेन लोकतंत्र के  और वैश्विक स्थिरता के नेता के रूप में एक-दूसरे की सराहना करेंगे, तो वे अर्थ और सार से रहित सुने-सुनाए औपचारिक वाक्यों को दोहरा रहे होंगे.

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‘हाल मुकाम’ में बेदखली: इंडिया आर्ट फेयर में मलबे से निकली लाल ईंटें और उनसे बनी एक बेचैन दुनिया

इंडिया आर्ट फेयर में सबसे ज़्यादा चर्चा में रहने वाला आर्टवर्क किसी परिभाषा में नहीं बंधता—गिरजेश कुमार सिंह मलबे से निकाली गई ईंटों से लोगों और उनके बैग की मूर्तियां बनाते हैं. इस प्रदर्शनी का नाम 'हाल मुकाम' है.

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कोच्चि में विदेशी महिला का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज

कोच्चि, नौ फरवरी (भाषा) केरल में कोच्चि-मुजिरिस द्विवार्षिक कला समारोह में भाग लेने आई एक विदेशी महिला का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.