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Sunday, 12 April, 2026
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चीन के नए मैप का उद्देश्य G20 से पहले भारत को उकसाना है, नई दिल्ली को इसके झांसे में नहीं आना चाहिए

G20 शिखर सम्मेलन के बाद नई दिल्ली के पास आक्रामक बीजिंग को उचित तरीके से जवाब देने और उससे निपटने के लिए पर्याप्त समय होगा.

चीनी अर्थव्यवस्था चरमराएगी नहीं पर जापान की तरह अधर में फंस जाएगी, यह शी के मॉडल का परीक्षा है

रेन्मिन्बी ट्रेड से आसमान छूती उधारी, चीन पर हर जगह आर्थिक संकट के संकेत दिख रहे हैं. शी की 'गड़बड़ी' की रणनीति सिर्फ राजनीतिक रूप से व्यवहार्य विकल्प है.

भारत में नफरत कंट्रोल से बाहर हो गई है, यहां तक कि मोदी, RSS भी इसे नहीं रोक सकते

हर मुस्लिम-विरोधी समर्थक नहीं है जो नागपुर के आदेश पर काम कर रहा है.

वो तीन चीज़ें जो टीवी और अखबारों में PM मोदी की इमेज को संवारती हैं

राज्य सरकार के विज्ञापनों से लेकर G20 और B20 तक, हर जगह पीएम मोदी का चेहरा है और टीवी चैनल भी उन्हें पसंद करते हैं.

LAC पर भारत के पास विकल्प सीमित हैं, मोदी को BRICS में मिले अवसर का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए

यदि मोदी और शी दोनों साहस दिखाते हैं, तो नई LAC के दोनों ओर 20 किमी के क्षेत्र को असैन्यीकृत क्षेत्र घोषित करने के प्रस्ताव पर दोबारा काम किया जा सकता है.

कांग्रेस के पास 2024 के लिए तुरुप का पत्ता है, लेकिन राहुल को ‘क्या करें, क्या न करें’ से बाहर आना होगा

एक समय था जब कांग्रेस के अंदर के लोग कहते थे,'राहुल नहीं तो कौन?' खरगे के पार्टी की कमान संभालने के बाद से यह धारणा बदल रही है.

LAC पर चीन ‘विवादित’ सीमाओं का निपटारा नहीं कर रहा है और इसमें भारत भी शामिल है

G20 से पहले भारत को खुद को ऐसी स्थिति में डालने से सावधान रहना चाहिए जहां वह समय की दीवार के पीछे अपनी पीठ के साथ उत्तरी सीमा पर सफलता हासिल करना चाहता है.

चीन ने G20 से पहले 2 लक्ष्य पा लिए – BRICS का विस्तार और भारत को विश्वास दिलाना कि सब कुछ ‘सामान्य’ है

चीनी बयान द्विपक्षीय संबंधों से सीमा मुद्दे को अलग करने पर बीजिंग की स्थिति को दोहराता है. ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में तनाव की संभावना कभी नहीं थी.

कैसे एक ज़हर देने वाले की हैंडबुक ने पुतिन को सत्ता के शिखर पर पहुंचा दिया

पुतिन के पूरे राजनीतिक करियर में, दर्जनों शक्तिशाली प्रतिद्वंद्वियों की मृत्यु हो चुकी है - परिस्थितियों के बारे में इतनी कम जानकारी थी कि रूसी अधिकारियों के लिए जांच के बहाने खुद को परेशान करना भी ठीक नहीं लगा.

अनएकेडमी से करन सांगवान की विदाई और सिर्फ पढ़े-लिखे नेता चुनने के लोकतंत्र के लिए मायने

बेशक करन सांगवान-अनअकादमी विवादों से सामने आए हैं, पर ऐसे विवाद आगे भी होते रहेंगे, इसलिए इसे एक परिघटना के तौर पर देखे जाने की जरूरत है.

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दुनिया तेजी से बदल रही है—भारत को खुद को सुधारना, मजबूत करना और आर्थिक ताकत बढ़ानी चाहिए

आज निरंतर बदलती विश्व व्यवस्था भारत के लिए एक मौका उपलब्ध करा रही है जिसका लाभ उठाने के लिए उसे खुद को अनुशासित रखना होगा ताकि पाकिस्तान जब अपने लिए मौका देख रहा है तब हम हड़बड़ी में कोई प्रतिक्रिया न कर बैठें.

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महिलाओं को सशक्त भागीदार बनाने की दिशा में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” एक निर्णायक कदम: मौर्य

लखनऊ 11 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार की महिला एवं बाल विकास मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता बेबी रानी मौर्य...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.