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Wednesday, 1 April, 2026
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चीन यूरोप को बांटना, राज करना और जीतना चाहता है लेकिन EU इसे रोकने में काफी भ्रमित है

बीजिंग यूरोप के साथ अपने संबंधों को स्थिर करने का प्रयास कर रहा है. यह चीन समर्थक यूरोपीय संसद सदस्यों की आवाज़ को बढ़ाने के राज्य नियंत्रित मीडिया के प्रयास में सामने आया है.

क्या होगा राजे, चौहान, सिंह के लिए 3 दिसंबर को सबसे अच्छा और सबसे बुरा नजारा

बीजेपी आलाकमान को हाल ही में कर्नाटक में बीएस येदियुरप्पा को एक तरह से पार्टी का कमान देना पड़ा. लेकिन राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आलाकमान के पास कर्नाटक जैसी मजबूरी नहीं है.

BSF का जन्म कैसे हुआ था? पाकिस्तान की साजिश के चलते और लाल बहादुर शास्त्री की फुर्ती का परिणाम

भारत में पाकिस्तान के 1965 के सैन्य अभियान के बाद विभिन्न राज्य पुलिस बलों के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा की रक्षा करने की सीमाएं काफी स्पष्ट हो गई थीं.

बांग्लादेश, यूक्रेन, इज़रायल यही सिखाता है कि हर जंग का कोई ‘अंत’ तो होना ही चाहिए

अगर जंग से अपेक्षित नतीजे या उसके लक्ष्य अनिश्चित अथवा अस्पष्ट होंगे तो पूरी संभावना यही है कि वह एक अंतहीन या जीत न दिलाने वाली जंग में तब्दील हो जाएगी.

अमशीपोरा ‘मुठभेड़’ मामले में कोर्ट मार्शल का फैसला क्यों बदला? इसे टाला जा सकता था

2020 में मैंने चेतावनी दी थी कि कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से चलाई जाए ताकि वह एएफटी और सुप्रीम कोर्ट की वैधानिक जांच में टिक सके, लेकिन ऐसा नहीं किया गया.

भारतीय रेलवे केवल तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन सुपरफास्ट ट्रैक पर दौड़ने के लिए नया बिजनेस प्लान जरूरी

सड़क परिवहन से मुक़ाबले में पिछड़ रही रेलवे यात्री गाड़ियों से घाटा ही कमा रही है लेकिन भाड़ा न बढ़ाकर वह यात्रियों का कोई भला भी नहीं कर रही है.

अल जज़ीरा के बढ़ते पाखंड को नज़रअंदाज़ करना अब और भी कठिन होता जा रहा है

अल जज़ीरा चाहता है कि भारत पूरी तरह से धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक हो. लेकिन कतर के बारे में उसका क्या विचार है?

कर्नाटक का झटका- चुनावों में कोई बड़ा आइडिया नहीं, BJP ने कांग्रेस के ‘रेवड़ी’, जाति के मुद्दे को अपनाया

यह पहला मौका है जब भाजपा ने विपक्ष के जवाब में अपना आजमाया हुआ और कामयाब चुनावी सुर बदल दिया है. यह जाति, और कभी निंदित की गई “रेवड़ी संस्कृति” के मुद्दों पर उसके रुख से स्पष्ट है.

‘सरकार अच्छी, काम अच्छा, लेकिन..,’ क्या रोटी पलटने का सिलसिला राजस्थान में जारी रहेगा?

राजस्थान में इक्का-दुक्का शायद ही कोई मिलेगा जो अशोक गहलोत की बुराई करता हो. बीजेपी के परंपरागत वोटर भी आपको पहले यही बतायेंगे कि `काम तो किया है` और इसके बाद उसी सुर में ये भी जोड़ते मिलेंगे कि `लेकिन राज्य में सरकार तो पलटेगी`.

भारत-पाकिस्तान भी बन सकते हैं इज़रायल-हमास. सबक ये कि आतंकवाद को केवल ताकत से खत्म नहीं किया जा सकता

गेंद अब अमेरिका और अरब देशों के पालों में है. उनका संयुक्त दबाव गाज़ा में विध्वंस मचा रहे इजरायल को रोक सकता है.

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विपक्षी दलों ने एफसीआरए विधेयक के खिलाफ संसद परिसर में प्रदर्शन किया

नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) विपक्षी दलों ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के खिलाफ बुधवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया। कांग्रेस,...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.