कोविड महामारी से मुकाबले के लिए मोदी सरकार ने प्रभावित लोगों को सीधे कर्ज उपलब्ध कराने की जो नीतिगत पहल की वह आलोकप्रिय भले रही हो लेकिन व्यावहारिक है.
वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड ने कहा कि बैंकों को पुलिस और नेताओं को ऋण देने में 'समस्याएं' हैं. उन्होंने कहा कि बैंक ऐसे ग्राहकों को कर्ज देने से पहले उनका ‘ट्रैक रिकॉर्ड’ देखते हैं.
यूरोप में कोरोनावायरस संक्रमण के नए मामलों में वृद्धि और दक्षिण अफ्रीका में इस वायरस के एक नए स्वरूप से बढ़ती चिंताओं के कारण लॉकडाउन को लेकर निवेशकों की चिंता फिर से शुरू हो गई है.
कई जगहों पर टमाटर के खुदरा और थोक भाव दोगुने से भी ज्यादा बढ़कर 80 रुपये प्रति किलो पहुंच गए हैं. दक्षिणी भारत के कुछ शहरों में तो कीमतें बढ़कर 140 रुपये प्रति किलोग्राम तक हो गई हैं.
मोदी सरकार अरविंद केजरीवाल के साथ जो कर रही है, वह गलत है. लेकिन क्या मोदी सरकार कभी अस्तित्व में आती, अगर केजरीवाल और उनके 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन ने UPA को तबाह न किया होता?