Monday, 17 January, 2022
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कोरोनावायरस के ‘ओमीक्रॉन’ वैरिएंट को लेकर बढ़ती चिंता के बीच रुपये में भारी अस्थिरता

यूरोप में कोरोनावायरस संक्रमण के नए मामलों में वृद्धि और दक्षिण अफ्रीका में इस वायरस के एक नए स्वरूप से बढ़ती चिंताओं के कारण लॉकडाउन को लेकर निवेशकों की चिंता फिर से शुरू हो गई है.

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मुंबई: कोरोनावायरस के अधिक संक्रामक स्वरूप ‘ओमीक्रॉन’ को लेकर बढ़ती चिंता तथा घरेलू शेयर बाजारों में भारी बिकवाली के बावजूद सोमवार को रूपया शुरुआती कारोबार के दौरान बढ़त के साथ खुला.

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनियम बाजार में रुपया पांच पैसे की मजबूती के साथ 74.84 पर खुला और शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 74.82 के स्तर पर पहुंच गया. हालांकि, भारी अस्थिरता के बीच स्थानीय सौदों में लाभ देर से कम हुआ, जिससे रुपया 10:35 बजे नौ पैसे की गिरावट लेकर 74.98 पर कारोबार कर रहा था.

वही शुक्रवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 37 पैसे गिरकर महीने के सबसे कम स्तर 74.89 पर रहा. फंड के निरंतर बहिर्वाह से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है.

यूरोप में कोरोनावायरस संक्रमण के नए मामलों में वृद्धि और दक्षिण अफ्रीका में इस वायरस के एक नए स्वरूप से बढ़ती चिंताओं के कारण लॉकडाउन को लेकर निवेशकों की चिंता फिर से शुरू हो गई है.

इस बीच, वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा 4.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75.67 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया.

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विदेशी संस्थागत निवेशक शुकव्रार को पूंजी बाजार में शुद्ध विक्रेता थे. उन्होंने एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार 5,785.83 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री की.


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