ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए का अनुमान है कि अडाणी ग्रुप के कुल कर्ज में भारतीय बैंक ऋण का हिस्सा 33-38% है. ग्रुप की टॉप 5 कंपनियों में से केवल 3 के पास बैंक ऋण का अपेक्षाकृत उच्च हिस्सा है.
जैसे कुछ कंपनियां सिर्फ इसलिए गिग वर्कर्स का फायदा उठाती हैं क्योंकि वे ऐसा कर सकती हैं, वैसे ही कंज्यूमर्स भी उन्हें बेवजह दौड़ाते हैं, सिर्फ इसलिए क्योंकि हम ऐसा कर सकते हैं.