बजट में इस बात पर ज़ोर दिया गया कि अस्थिर ग्लोबल हालात के बीच प्रोडक्टिविटी बढ़ाने, फॉर्मल रोज़गार का विस्तार करने और भारत की कॉम्पिटिटिवनेस को बेहतर बनाने के लिए MSMEs को मज़बूत करना बहुत ज़रूरी है.
रणनीतिक तौर पर, बिना शर्ट वाला यह प्रदर्शन आत्मघाती गोल से भी बुरा था. अचानक, AI समिट की सारी गड़बड़ियां भूला दी गईं और यूथ कांग्रेस का विरोध ही मुद्दा बन गया.