29 जुलाई 2018 को लोकसभा में मानव तस्करी (रोकथाम,पुनर्वास,संरक्षण) विधेयक 2018 पारित हो गया था. अब इस विधेयक को मौजूदा शीतकालीन सत्र मे राज्यसभा में पास कराए जाने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है.
तीन कारकों—राजनीतिक समर्थन, कलेक्टर के कार्यालय का एक 'लिसनिंग पोस्ट' (सूचना केंद्र) के रूप में कार्य करना, और उग्रवाद-विरोधी अभियानों में हस्तक्षेप न करना—ने यह सुनिश्चित किया कि दंतेवाड़ा अभियान सफल रहा.