आरएसएस कार्यकर्ता बंधु प्रकाश, उनकी पत्नी और बच्चे की मंगलवार को मुर्शिदाबाद में विभत्स तरीके से हत्या कर दी गई थी. पुलिस प्रापर्टी विवाद की दृष्टि से मामले की जांच कर रही है.
पति सहित पांच अन्य हत्याओं में शामिल होने के आरोप में फर्स्ट क्लास न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दो अन्य साथियों सहित 16 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजा.
एनकाउंटर में परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया जिसके बाद पुलिस ने रात में शव जला दिया. पुष्पेंद्र के मारे जाने की खबर लगते ही लोगों में उबाल पैदा हो गया.
रिपोर्ट पर सवाल खड़ा करते हुए दिल्ली पुलिस के एक पूर्व कमिश्नर ने नाम नहीं लिखने की शर्त पर कहा कि किसी अपराध से जुड़ा डाटा बिल्कुल भरोसे लायक नहीं होता.
नौकरशाहों और राजनेताओं के बाद पत्रकारों की कथित संलिप्तता से मामला बहुत आगे बढ़ गया है और लोगों में इसमें शामिल लोगों की वास्तविक पहचान जानने के बारे में उत्सुकता बढ़ गई है.
याचिकाकर्ता अभिषेक रंजन ने अपने परिवार को धमकियां मिलने की बात की है, जबकि पीड़िता के पिता ने डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय पर उनकी बड़ी बेटी के चरित्र पर लांछन लगाने का आरोप लगाया है.
सूत्रों के मुताबिक छात्रा से पांच करोड़ की वसूली के मामले में पूछताछ की जाएगी. उसे हिरासत में लिए जाने की पुष्टि फिलहाल एसआईटी या यूपी पुलिस की ओर से नहीं की गई है.
रणनीतिक तौर पर, बिना शर्ट वाला यह प्रदर्शन आत्मघाती गोल से भी बुरा था. अचानक, AI समिट की सारी गड़बड़ियां भूला दी गईं और यूथ कांग्रेस का विरोध ही मुद्दा बन गया.