दिल्ली, पटना, जयपुर समेत देशभर के कई अस्पतालों के डॉक्टर रेजिमेंट डॉक्टरों के समर्थन में आ गए हैं. कई जगहों पर अब ऐसे ही विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं.
ओमीक्रॉन से महाराष्ट्र में सर्वाधिक 167 मामले पाए गए हैं, दिल्ली में 165, केरल में 57, तेलंगाना में 55, गुजरात में 49 और राजस्थान में 46 मामले सामने आए हैं.
कुछ बच्चे तुरंत टीका लगवाने के लिए उत्सुक हैं, जबकि कुछ अन्य दूसरों पर इसका असर देखने के लिए इंतजार करना चाहते हैं. लेकिन अधिकांश मामलों में उनके भीतर उतनी हिचकिचाहट नहीं है जितनी पिछले साल वयस्कों को थी.
27 दिसंबर को राष्ट्रीय औसत 62 फीसदी था. ‘वैक्सीन को लेकर उदासीनता’, स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल को टीकाकरण की गति धीमी होने के कारण बताया जा रहा है.
आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को बताया था कि सीडीएससीओ की कोविड-19 संबंधी विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने ‘कोवोवैक्स’ और ‘कोर्बेवैक्स’ को कुछ शर्तों के साथ आपात स्थिति में उपयोग की अनुमति देने की सिफारिश की है.
ओमीक्रॉन के महाराष्ट्र में सर्वाधिक 167 मामले पाए गए हैं. इसके बाद दिल्ली में 165, केरल में 57, तेलंगाना में 55, गुजरात में 49 और राजस्थान में 46 मामले सामने आए हैं.
बड़े राज्यों का 47 प्रतिशत, छोटे राज्यों का 88 प्रतिशत और 71 प्रतिशत केंद्र शासित प्रदेशों ने किसी भी अन्य डोमेन की तुलना में स्वास्थ्य परिणामों के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया.