Friday, 27 May, 2022
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डॉक्टरों पर पुलिस ने बरसाए थे डंडे, अब मांडविया बोले- बदसलूकी के लिए खेद, जल्द काउंसलिंग की उम्मीद

दिल्ली, पटना, जयपुर समेत देशभर के कई अस्पतालों के डॉक्टर रेजिमेंट डॉक्टरों के समर्थन में आ गए हैं. कई जगहों पर अब ऐसे ही विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं.

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नई दिल्ली: नीट-पीजी की काउंसिलिंग कर रहे डॉक्टरों पर सोमवार को पुलिस ने न सिर्फ डंडे बरसाए बल्कि उन्हें डिटेन भी किया. काउंसलिंग की मांग कर रहे डॉक्टर्स पिछले कई दिनों से दिल्ली के कई कॉलेजों में और स्वास्थ्य मंत्रालय, निर्माण भवन के बाहर प्रदर्शन करते आ रहे हैं. लेकिन सरकार के कान पर जूं न रेंगती देख फोर्डा के बैनर तले डॉक्टरों ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने का फैसला किया था.

अब देश के स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों से मुलाकात करने के बाद उनके साथ हुई बदसलूकी के लिए खेद व्यक्त किया है और कहा है कि उम्मीद है कि नीट-पीजी की काउंसलिंग जल्द होगी.

मनसुख मांडविया ने कहा, ‘इस मामले पर 6 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है. इससे पहले भारत सरकार की ओर से हम सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट जमा कर देंगे.’

‘हमारे डॉक्टर कल जब धरना दे रहे थे तब उनके साथ पुलिस की ओर से दुर्व्यवहार हुआ हो तो उसके लिए मैं खेद व्यक्त करता हूं. मैं सभी डॉक्टरों से अपेक्षा करता हूं कि कोविड के संकट में हमारे देश के नागरिकों, मरीज़ों को दिक्कत न हो उसके लिए अपनी ड्यूटी जॉइन कर लें.’

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बता दें कि सोमवार दोपहर को डॉक्टर्स मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के करीब स्थित शहीद पार्क से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाल रहे थे, तभी पुलिस ने उनके साथ बर्बरता की, उनपर लाठी चार्ज किया और कई डॉक्टरों को बसों में भर कर ले गए.

सोमवार को प्रदर्शन का हिस्सा रहे डॉक्टर राकेश बागड़ी ने हमें बताया कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे हमारे साथी रेजिडेंट को पुलिस ने बर्बरता के साथ डिटेन किया है. महिला डॉक्टर्स को पुरुष पुलिस वालों ने गलती तरीके से उठाकर डिटेन किया है जिस दौरान कई लोगों को चोटें भी आई हैं.

सरोजिनी नगर थाने में हजारों डॉक्टर्स

डॉक्टरों के साथ पुलिस की बर्बरता के बाद दिल्ली कई अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टर बड़ी संख्या में सफदरजंग अस्पताल पहुंचे और वहां प्रदर्शन किया. इस दौरान डॉक्टरों ने रिंग रोड पर मार्च भी किया और स्वास्थ्य मंत्री के घर तक रैली निकालने का फैसला किया. इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल ने डॉक्टरों पर लाठी बरसाई और हजारों की संख्या में प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों को सरोजनी नगर थाने में पकड़ कर ले गए.

पुलिस ने सरोजिनी नगर थाने में लगभग ढाई हजार डॉक्टरों को डिटेन कर लिया. पुलिस स्टेशन में इतने लोगों के लिए जगह नहीं थी तो डॉक्टर बाहर खड़े रहे और वहां अपना विरोध जारी रखा. अस्पतालों में काम करने वाले डॉक्टर्स रात को थाने में राष्ट्रीय गान गाते हुए और नारे लगाते हुए न्याय की मांग करते रहे.

विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे डॉक्टरों के संगठन फोर्डा ने अपने स्टेटमेंट में कहा है, ‘कोरोना की पिछली लहरों के दौरान हमें दिया जलाकर, थाली बजाकर और फूल बरसाकर जो सम्मान दिया था वो हमने वापस लौटा दिया है. रेजिडेंट डॉक्टर्स, कथित कोरोना वॉरियर्स शांति पूर्ण तरीके से नीट-पीजी की काउंसलिंग के लिए विरोध कर रहे थे जिन्हें पुलिस ने बर्बरता के साथ घसीटा और डिटेन कर लिया.’

देशभर में डॉक्टर्स का विरोध

दिल्ली, पटना, जयपुर समेत देशभर के कई अस्पतालों के डॉक्टर रेजिमेंट डॉक्टरों के समर्थन में आ गए हैं. कई जगहों पर अब ऐसे ही विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं.

जयपुर में भी डॉक्टरों के साथ हुए ऐसे बर्ताव के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टर्स ने दो घंटे पूर्ण रूप से काम का बहिष्कार किया.

जयपुर के रेजिडेंट डॉक्टर्स ने कहा, ‘नीट पीजी कॉउंसिलिंग में चल रही देरी के विरोध में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे दिल्ली की रेसिडेंट डॉक्टर्स के साथ दिल्ली पुलिस के बर्बरता पूर्वक किये कार्यवाही पर सम्पूर्ण भारत के रेसिडेंट डॉक्टर्स आक्रोशित है. जार्ड दिल्ली पुलिस के द्वारा कोरोना वारियर्स पर की गई इस घटना की घोर नींदा करता है,और रेजिडेंट डॉक्टर्स की गिरफ्तारी का पुरजोर विरोध करते है.विरोध स्वरूप कल दिनांक 28/12/2021 को दो घंटे 9 से 11 का सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा और विरोध स्वरूप ताली थाली वापसी का शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगें.’

ऐम्स रेजिडेंट डॉक्टर्स ने 29 दिसंबर को टोकन स्ट्राइक की चेतावनी दी है.

फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया डॉक्टर्स ने भी 29 दिसंबर से देशभर में सभी स्वास्थ्य सुविधाओं के रोकने का ऐलान किया है.

लेडी हार्डिंग के डॉक्टर शारदा ने हमें बताया कि वे शांति से प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन पुलिस के आने के बाद स्थिति हिंसक हो गई और पुलिस ने उनके कुछ साथियों को डिटेन कर लिया.

हालांकि बाद में डॉक्टर्स को छोड़ दिया गया.

नीट-पीजी काउंसलिंग जल्दी कराने की है मांग

जो डॉक्टर्स बारिश में भी दिल्ली की सड़कों पर मार्च कर रहे हैं, ये वही डॉक्टर्स हैं जिनके ऊपर कोरोना काल में हेलीकॉप्टर के जरिए फूल बरसाए जा रहे थे. ताली और थाली बजाकर प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरर्स लगातार नीट-पीजी की काउंसलिंग जल्द से जल्द कराए जाने की मांग कर रहे हैं.

काउंसलिंग से जुड़ा मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में है और उस पर 6 जनवरी को सुनवाई होनी है. लेकिन डॉक्टरों की मांग है कि काउंसलिंग जल्द से जल्द कराई जाए. प्रदर्शन कर रहे डॉक्टर पुलिस और प्रशासन के बर्ताव से इतने आहत हैं कि उनमें से एक ने कहा- अगले जन्म हमें डॉक्टर न किज्यो.

डॉक्टरों का कहना है कि ओमीक्रॉन का खतरा बढ़ रहा है और आने वाले समय में अगर नया बैच नहीं लाया जाता है तो हमारे अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी देखने को मिलेगी. दिप्रिंट से बातचीत में कई डॉक्टरों ने बताया कि वे 36 से 48 घंटों की शिफ्ट में काम कर रहे हैं और आने वाले समय में यह स्थिति और खराब हो सकती है.

नेताओ ने जताई आपत्ति

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर डॉक्टरों की मांग पूरी करने की गुजारिश की है. उन्होंने डॉक्टरों के साथ हुई मार-पिटाई की भी निंदा की है.

पीएम मोदी के नाम अरविंद केजरीवाल का पत्र.

इसके अलावा केजरीवाल ने लिखा, नीट-पीजी की काउंसलिंग में हो रही देरी होने पर इन डॉक्टरों पर तो असर पड़ता ही है लेकिन इससे अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी होती है और दूसरे डॉक्टरों पर बोझ बढ़ता है.

कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर डॉक्टरों के विरोध प्रदर्शन को लेकर सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने ट्वीट में कहा, ‘फूल बरसाना दिखावे का PR था, असलियत में अन्याय बरसा रहें हैं. केंद्र सरकार के अत्याचार के ख़िलाफ़ मैं #CovidWarriors के साथ हूँ.’

प्रियंका गांधी ने कहा, ‘कोरोना के समय में इन युवा डॉक्टरों ने अपनों से दूर रहकर पूरे देश के नागरिकों का साथ दिया. अब समय है पूरा देश डॉक्टरों के साथ खड़े होकर इन पर पुलिस बल प्रयोग करने वाले व इनकी मांगों को अनसुना करने वाले @narendramodi जी को नींद से जगाए. डॉक्टरों को झूठा PR नहीं, सम्मान व हक चाहिए.’


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