covid19bharat.org पर मौजूद सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य बुलेटिन के डेटा से आंकड़े जुटाने के बाद दिप्रिंट की समीक्षा से पता चलता है कि 10 दिनों से भी कम समय में कोरोना मामले दस गुना बढ़ गए.
अध्ययन में पाया गया कि ब्रिटेन में व्यापक रूप से फैल चुके और भारत में तेजी से फैल रहा संक्रमण का यह स्वरूप फेफड़ों में पाए जाने वाली कोशिकाओं को कम संक्रमित कर रहा है लेकिन इस वायरस के हल्के पड़ने के आसार नहीं है.
स्वरा भास्कर ने कहा, 'मैं पूरी एहतियात बरत रही हूं. मैंने पिछले एक सप्ताह के दौरान मेरे सम्पर्क में आए लोगों को बता दिया है, लेकिन अगर कोई और भी मेरे सम्पर्क में आया हो तो कृपया जांच कराएं. दो मास्क पहनें और सुरक्षित रहें.'
कोवैक्सीन निर्माताओं ने कहा कि सामने आने वाले ज्यादातर साइड-इफेक्ट्स हल्के होते हैं, जो 1-2 दिन में ठीक हो जाते हैं और उनमें दवाओं की जरूरत नहीं पड़ती. अभी तक, कोवैक्सीन अकेली वैक्सीन है जो भारत में 15-18 वर्ष के किशोरों के लिए उपलब्ध है.
सर्वे के अनुसार 11 में से केवल 1 शहर में 50% से अधिक लोग मास्क पहनने के नियमों का पालन करते हैं. मास्क नहीं पहनने वालों में से 36% का कहना है कि कोविड कोई बड़ा खतरा नहीं है, जबकि एक चौथाई से अधिक लोगों को इससे चिड़चिड़ापन या घुटन महसूस होती है.
दिल्ली में लॉकडाउन लगाने के सवाल पर जैन ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही रात्रिकालीन कर्फ्यू और सप्ताहांत कर्फ्यू जैसे कड़े कदम उठाए हैं, जो फिलहाल काफी हैं. अभी लॉकडाउन लगाने की जरूरत नहीं है.