कोवैक्सीन निर्माताओं ने कहा कि सामने आने वाले ज्यादातर साइड-इफेक्ट्स हल्के होते हैं, जो 1-2 दिन में ठीक हो जाते हैं और उनमें दवाओं की जरूरत नहीं पड़ती. अभी तक, कोवैक्सीन अकेली वैक्सीन है जो भारत में 15-18 वर्ष के किशोरों के लिए उपलब्ध है.
सर्वे के अनुसार 11 में से केवल 1 शहर में 50% से अधिक लोग मास्क पहनने के नियमों का पालन करते हैं. मास्क नहीं पहनने वालों में से 36% का कहना है कि कोविड कोई बड़ा खतरा नहीं है, जबकि एक चौथाई से अधिक लोगों को इससे चिड़चिड़ापन या घुटन महसूस होती है.
दिल्ली में लॉकडाउन लगाने के सवाल पर जैन ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही रात्रिकालीन कर्फ्यू और सप्ताहांत कर्फ्यू जैसे कड़े कदम उठाए हैं, जो फिलहाल काफी हैं. अभी लॉकडाउन लगाने की जरूरत नहीं है.
दिप्रिंट स्वतंत्र रूप से महाराष्ट्र के छह मंत्रियों और नौ विधायकों के कोविड से पीड़ित होने की पुष्टि करता है, जिनमें से कुछ तो पिछले दो दिनों के अंदर कोविड पॉजिटिव पाए गए हैं.
भारत बायोटेक अब अपनी इस नई कोरोना वैक्सीन के तीसरे चरण का बूस्टर डोज के तौर स्टडी करेगी. इसके बाद वैक्सीन के परिणाम पता चलने के बाद इसे मंजूरी दी जाएगी.
इंडिया आर्ट फेयर में सबसे ज़्यादा चर्चा में रहने वाला आर्टवर्क किसी परिभाषा में नहीं बंधता—गिरजेश कुमार सिंह मलबे से निकाली गई ईंटों से लोगों और उनके बैग की मूर्तियां बनाते हैं. इस प्रदर्शनी का नाम 'हाल मुकाम' है.
नयी दिल्ली, आठ फरवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) मामले में उच्चतम न्यायालय में व्यक्तिगत उपस्थिति को...