हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के प्रोफेसरके पद पर कार्यरत डॉ शिव पिल्लई का कहना है कि भारत में कोविड की तीसरी लहर के मार्च तक कम होने की संभावना है, और उनका मानना है कि इस महामारी के प्रति भारत की प्रतिक्रिया मिक्स्ड बैग जैसी थी.
हैदराबाद के एआईजी हॉस्पिटल्स एंड एशियन हेल्थ फाउंडेशन द्वारा नॉन पीयर-रिव्युड एक अध्ययन इन्हीं 30% पर केंद्रित है. एआईजी प्रमुख का कहना है कि एंटीबॉडीज बनाए रखने वाले 70% लोग 9 महीने के बाद दिए जाने वाले बूस्टर से लाभ उठा सकते हैं.
दिल्ली में बीते कुछ दिनों में रोजाना दर्ज होने वाले नए मामलों में गिरावट आई है. बुधवार को 24 फीसदी की संक्रमण दर के साथ 13 हजार से ज्यादा मामले सामने आए थे.
नवीनतम आरोपों ने दास द्वारा सह-लिखित फ़्लैग किए गए पत्रों की कुल संख्या को 28 तक पहुंच गयी है. जनवरी में कदाचार के आरोपी अन्य आईसीएमआर शोधकर्ता ने आरोपों से इनकार किया था.
बाल रोग विशेषज्ञ लक्षणात्मक इलाज और संतुलित आहार पर ज़ोर देते हैं. उनका कहना है कि पात्र अवयस्कों को टीका लगवाना ज़रूरी है, और वो ये भी मानते हैं कि ओमिक्रॉन के दीर्घकालिक प्रभावों का अंदाज़ा लगाना अभी जल्दबाज़ी होगी.
राज्य के अधिकारियों का कहना है कि कम टीकाकरण दर आंशिक रूप से जनसंख्या के आंकड़ों में विसंगतियों के कारण है, जिससे सरकार का लक्ष्य पूरा नहीं हुआ है, लेकिन टीकाकरण में सुधार की आवश्यकता है.
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 17,36,628 हो गई है, जो कुल मामलों का 4.62 प्रतिशत है.