डॉक्टरों के संगठन ने आयुष को बढ़ावा देने पर स्वास्थ्य मंत्री से सवाल किए थे, वहीं आयुष वैज्ञानिकों ने पूछा है कि प्रभावी होने का कोई प्रमाण न होने के बावजूद एचसीक्यू का इस्तेमाल क्यों किया गया.
शैलजा ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों के प्रयासों के चलते ही राज्य में कोरोनावायरस के कारण मृत्यु दर 0.36 फीसदी बनाकर रखी जा सकी है, वह भी तब जब संक्रमण के मामले यहां बढ़ रहे हैं.
देश में कोविड-19 के कुल मामलों की संख्या 69 लाख के पार हो गई है. हालांकि संक्रमितों और मरीजों की संख्या में तेजी से कमी आ रही है पिछले 24 घंटे में 70 हजार लोग संक्रमित हुए हैं जबकि 964 और लोगों की मौत हुई है.
एसबीआई रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और केरल में, 50-60 प्रतिशत कोविड मामले, अगस्त में इन त्योहारों के बाद सामने आए.
डॉक्टर फहीम को उम्मीद है कि जिन वैक्सीन पर काम चल रहा है उन्हें इस साल के अंत या अलगे साल की शुरुआत से हरी झंडी मिलने का काम शुरू हो जाएगा. हालांकि, 70 प्रतिशत लोगों तक इसके पहुंचने में तकरीबन तीन साल तक का समय लग सकता है.
औपनिवेशिक खुफिया तंत्र क्रांतिकारियों को व्यक्ति के रूप में नहीं बल्कि खतरे के रूप में दर्ज करता था. ऐसा करके उसने कई ज़िंदगियों को इतिहास से निष्कासित कर दिया.