केन्द्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा ने कहा कि दवा की आपूर्ति मरीजों की संख्या के आधार पर की गयी है. देश के विभिन्न हिस्सों में इस समय ब्लैक फंगस के 11,717 मामले हैं.
37 वर्षीय डॉ पंकज कुमार मधुबनी के कोविड केयर अस्पताल में तैनात हैं. लेकिन जिस बात से वह सबसे ज्यादा डरते हैं, वो है ऐसा क्षण आना जब उन्हें किसी मरीज के परिजन के सामने ये चार भयावह शब्द बोलने पड़ते हैं—‘वो नहीं रहा/रही है.’
हरियाणा के आठ गांवों का कहना है कि लॉकडाउन का मतलब है भूख और गरीबी से मर जाना. कई अन्य भी किसान आंदोलन को लेकर ‘सत्तारूढ़ दल का बहिष्कार’ करना चाहते हैं.
प्रधानमंत्री ने इस महामारी में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि इस महामारी में जिन्होंने अपने प्रियजन को खोया और जो इससे पीड़ित रहे, वह उनके दुख में शामिल हैं.
सोनीपत के जिला कलेक्टर को अप्रैल में कोविड होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, उनकी बेटी वेंटिलेटर पर थी. फिर भी वह यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी टीम के साथ संपर्क में रहे कि जिले में महामारी प्रबंधन पटरी पर रहे.
पिछले एक साल में एम्स में फोरेंसिक मेडिसिन विभाग में ‘कोविड-19 पॉजिटिव मेडिको-लीगल’ मामलों पर एक अध्ययन किया गया था. इन मामलों में पोस्टमॉर्टम किया गया था.
महाराष्ट, कर्नाटक जैसे राज्यों में R वैल्यू में कमी की प्रवृत्ति देखी जा रही है लेकिन तमिलनाडु और ओडिशा जैसे राज्यों में मामलों में बढ़ोत्तरी देखी जा रही है.
कोविड-19 संबंधी कार्यसमूह के प्रमुख डॉ. एन.के. अरोड़ा ने कहा कि मौजूदा आंकड़े भारत में वायरस के विभिन्न स्वरूपों द्वारा बच्चों या युवाओं को विशेषतौर पर प्रभावित करने संबंधी कोई पूर्वानुमान नहीं दिखाते हैं.
जोखिम खत्म नहीं हुआ है. इसका रूप बदल गया है—यह नॉन-परफॉर्मिंग लोन की वजह से बैलेंस शीट पर दबाव से हटकर तेजी से बढ़ते डिजिटल सिस्टम को संभालने की ऑपरेशनल चुनौतियों में बदल गया है.