लैनसेट की रिपोर्ट के अनुसार कोरोनावायरस से संक्रमित होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए 10 साल से कम उम्र के नौ प्रतिशत बच्चों में बीमारी के गंभीर लक्षण देखे गए. महामारी की दोनों लहरों के दौरान ऐसा देखा गया.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कोरोना संक्रमण 20 दिनों से 10 प्रतिशत के नीचे बनी हुई है. साथ ही यह भी बताया कि साप्ताहिक संक्रमण की दर भी 4.74 प्रतिशत दर्ज की गई है.
आईसीएमआर ने एनसीबीएस के नागालैंड अध्ययन की जांच की घोषणा की और वो भी यह बताए बिना कि जांच किस वजह से की जा रही है और इसके पीछे क्या वजह हैं. सरकार में कोई भी इसका जिम्मा लेने को तैयार नहीं है.
झारखंड के अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) अरुण सिंह ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को कोविड वैक्सीन की बर्बादी को लेकर लिखे पत्र में कहा है कि केन्द्र सरकार कोविन ऐप पर अपने आंकड़ों को तुंरत दुरुस्त करे.
दिलचस्प बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमण की चपेट में आने के बाद ठीक होने वालों की संख्या मंगलवार को 701234 बतायी थी जिसे बुधवार को संशोधित करके 698397 किया गया.
29 वर्षीय डॉ एकता, पंजाब सरकार द्वारा 10 मई को स्थापित किए गए पटियाला के प्रसवपूर्व देखभाल प्रकोष्ठ की प्रमुख हैं, जो जिले में उन सभी गर्भवती महिलाओं को ट्रैक करने के काम में जुट हैं जो कोविड पॉजिटिव हैं.
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बुधवार को सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में संक्रमण से 2,219 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 3,53,528 हो गई है.
राजनीतिक नेतृत्व ने 1971 की तरह 2020 में भी सैन्य मामलों में दखल न देकर सही राजनीतिक निर्देश जारी किया, और रक्षा मंत्री ने सेना अध्यक्ष को सलाह दी कि 'जो उचित समझो वो करो.'