पंजाब में सबसे अधिक मौतें दर्ज करने वाले जिलों पटियाला, लुधियाना, फरीदकोट और अमृतसर में कोविड के कारण जान गंवाने वाले 60% से अधिक लोग या तो मोटापे से पीड़िते था या फिर डायबिटीज या हाइपरटेंशन के शिकार थे.
भारत को औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने 12 मई को दो से 18 साल आयुवर्ग के बच्चों में भारत बायोटेक के कोवैक्सीन के दूसरे और तीसरे चरण के नैदानिक परीक्षण करने की मंजूरी दे दी थी.
बिहार के महादलित टोलों में, ग्रामीणों में वैक्सीन के आर्थिक लाभ को लेकर ज़्यादा उत्सुकता दिखाई दी. प्रशासन का कहना है कि वो इस हिचकिचाहट को दूर करने के लिए काम कर रहा है.
यह निर्णय इन जिलों में प्रति 10 लाख की आबादी पर सप्ताह में सामने आए संक्रमण के कुल मामलों, संक्रमण दर, बिस्तरों पर भर्ती मरीजों की संख्या, मृत्यु दर और टीकाकरण अभियान के लक्ष्य की प्राप्ति को ध्यान में रखकर किया गया है.
लैनसेट की रिपोर्ट के अनुसार कोरोनावायरस से संक्रमित होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए 10 साल से कम उम्र के नौ प्रतिशत बच्चों में बीमारी के गंभीर लक्षण देखे गए. महामारी की दोनों लहरों के दौरान ऐसा देखा गया.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कोरोना संक्रमण 20 दिनों से 10 प्रतिशत के नीचे बनी हुई है. साथ ही यह भी बताया कि साप्ताहिक संक्रमण की दर भी 4.74 प्रतिशत दर्ज की गई है.