पारस अस्पताल का कहना है कि 'मॉक ड्रिल' से कोई मौत नहीं हुई, जबकि आगरा के अधिकारियों का कहना है कि उस समय ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं थी. वहीं, परिजनों ने इलाज में लापरवाही की शिकायत दर्ज कराई है.
मोदी सरकार की शंकाएं इस बात से पैदा हो रही हैं, कि पिछले दो हफ्तों में रोज़ाना के मामले तक़रीबन आधे रह गए हैं, लेकिन रोज़ाना हो रही मौतें उस अनुपात में नहीं घटी हैं.
केजरीवाल ने कहा कि महामारी की तीसरी लहर के दौरान जब भी उनकी सेवाओं की आवश्यकता होगी, स्वास्थ्य सहायकों को बुलाया जाएगा. जितने दिन वे काम करेंगे, उनके हिसाब से उन्हें भुगतान किया जाएगा.
प्रमुख सरकारी और निजी अस्पतालों के कई डॉक्टरों की टिप्पणी बाजारों से उन तस्वीरों के सामने आने पर आयी है जिनमें देखा जा सकता है कि लोग कोविड संबंधी उपयुक्त व्यवहार नहीं कर रहे.
देश में 75 दिन बाद संक्रमण के इतने कम नए मामले सामने आए हैं और दैनिक संक्रमण दर भी घटकर 3.45 प्रतिशत हो गई है. जबकि पिछले 24 घंटे में मरने वालों की संख्या 2726 है.
मुख्य सचिव एच के द्विवेदी ने कहा कि नियोक्ताओं को कर्मचारियों के परिवहन की व्यवस्था करनी होगी क्योंकि सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर प्रतिबंध अगले आदेश तक जारी रहेगा.
पंजाब में सबसे अधिक मौतें दर्ज करने वाले जिलों पटियाला, लुधियाना, फरीदकोट और अमृतसर में कोविड के कारण जान गंवाने वाले 60% से अधिक लोग या तो मोटापे से पीड़िते था या फिर डायबिटीज या हाइपरटेंशन के शिकार थे.
भारत को औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने 12 मई को दो से 18 साल आयुवर्ग के बच्चों में भारत बायोटेक के कोवैक्सीन के दूसरे और तीसरे चरण के नैदानिक परीक्षण करने की मंजूरी दे दी थी.