केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बृहस्पतिवार को जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में 1,005 और लोगों की संक्रमण से मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 3,99,459 हो गई.
कोवोवैक्स के 2-17 साल के बच्चों पर होने वाले दूसरे या तीसरे चरण के ट्रायल को अनुमति न देने की सिफारिश, सीरम इंस्टीट्यूट ने डीसीजीआई से आवेदन कर 10 स्थानों पर 920 बच्चों पर टीके के ट्रायल की अनुमति मांगी थी.
इस सब की शुरूआत मई में हुई जब इंदौर स्थित एक ट्रांसजेंडर कार्यकर्त्ता संध्या घार्वी को लगा, कि उस समय तक समुदाय के ज़्यादा सदस्यों को टीका नहीं लगा था.
‘दि लांसेट इन्फेक्शस डिजीज’ जर्नल में शोध छापा है जिसमें कहा गया है कि चीन निर्मित कोविड रोधी टीके ‘कोरोनावैक’ की दो खुराकें बच्चों और किशोरों के लिए सुरक्षित हैं और मजबूत एंटीबॉडी बनाने में सक्षम हैं.
दूसरी लहर के अपने अनुभव से सीख लेते हुए, महाराष्ट्र सरकार ने पूरे सूबे में लॉकडाउन उपायों में कड़ाई कर दी है, कोविड से जुड़े ख़र्चों को पूरा करने के लिए, बजटीय कटौतियां शुरू कर दी हैं.