इस वर्ष देश में कोरोनावायरस संक्रमण की दूसरी भयावह लहर के कारण बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी गई थीं. परिणाम बोर्ड की वैकल्पिक आकलन नीति के आधार पर निकाले गए हैं.
पीएम ने कहा, 'अब स्टूडेंट कितना पढ़ें यह यूनिवर्सिटी या बोर्ड नहीं तय करेंगे बल्कि स्टूडेंट्स की भी सहभागिता होगी. मल्टिपल एंट्रेंस और एग्जिट की जो व्यवस्था शुरू हुई है. इसने स्टूडेंट को एक ही क्लास, एक ही कोर्स में जकड़े रहने से मुक्त कर दिया है.'
विश्वविद्यालय तथा उच्च शिक्षा संस्थानों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए दाखिले की प्रक्रिया सीबीएसई, आईसीएसई और सभी राज्य बोर्डों के परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद ही शुरू हों.
प्रधान ने ट्वीट किया, ‘विद्यार्थी समुदाय की भारी मांग और उम्मीदवारों को अधिकतम प्रदर्शन करने में मदद के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने जेईई (मेंस) परीक्षा 2021 के दो सत्रों के बीच चार हफ्ते का अंतर रखने की सलाह दी थी.
31 जुलाई तक सीबीएसई 12वीं बोर्ड के नतीजों की घोषणा कर सकता है. उसने स्कूलों के लिए एक पोर्टल बनाया है जहां अंक जमा करने हैं और ये 22 जुलाई तक खुला रहेगा.
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि जो पैरेंट्स प्राइवेट स्कूलों की फीस नहीं चुका पा रहे हैं वे अपने बच्चों को दिल्ली सरकार स्कूलों में लाएं, यहां अब व्यवस्था अच्छी है.
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सामाजिक दूरी के नियम का पालन सुनिश्चित करने के लिये जिन शहरों में परीक्षा आयोजित की जाएगी, उनकी संख्या 155 से बढ़ाकर 198 कर दी गई है.
जोखिम खत्म नहीं हुआ है. इसका रूप बदल गया है—यह नॉन-परफॉर्मिंग लोन की वजह से बैलेंस शीट पर दबाव से हटकर तेजी से बढ़ते डिजिटल सिस्टम को संभालने की ऑपरेशनल चुनौतियों में बदल गया है.