सिलेबस में नए परिवर्तनों को ‘स्पष्ट रूप से पक्षपातपूर्ण’ कहते हुए, दोनों ने कहा कि उन्हें इस बारे में सूचित नहीं किया गया था. यादव और पलशिकर एनसीएफ के अनुसार, पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए 2005 में गठित पाठ्यपुस्तक विकास समिति का हिस्सा थे.
2018 में, आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज को सर्वश्रेष्ठ कॉलेजों के लिए NIRF की रैंकिंग में 14वां स्थान मिला था. 2023 में, कॉलेज डीयू के कुछ सबसे प्रसिद्ध कॉलेजों से आगे, नंबर 6 पर रहा.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 85% ड्रॉपआउट भारत के सिर्फ 11 राज्यों है. इन छात्रों की संख्या लगभग 30 लाख है. अपेक्षाकृत बेहतर पास प्रतिशत के बावजूद इन राज्यों में बंगाल और कर्नाटक शामिल हैं.
एनआईआरएफ इंजीनियरिंग रैंकिंग 2023 में, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मद्रास (आईआईटी मद्रास) ने पहला स्थान बरकरार रखा है इसके बाद आईआईटी-दिल्ली और आईआईटी-बॉम्बे ने लिस्ट में अपनी जगह बनाई है.
8 स्कूलों और 29 विभागों के साथ, जनकपुरी, दिल्ली के CSU में विभिन्न प्रोगराम्स के लिए 7,000 से अधिक छात्र नामांकित हैं. यह भारत के 12 संस्कृत उच्च शिक्षा संस्थानों में से एक है.
2018 के बाद से, राज्य संस्था में अपनी हिस्सेदारी को पुनः प्राप्त करने की कोशिश कर रहा है - हरियाणा के कॉलेजों के लिए संबद्धता की मांग की है लेकिन पंजाब ने इसे अपना बनाए रखने के लिए एड़ी चोटी का जोड़ लगा रहा है.
केंद्र सरकार ने गुणवत्ता सामग्री का चयन करने के लिए इस जनवरी में एक 21-सदस्यीय सलाहकार समिति का गठन किया, जिसे बाद में 200+ सरकारी टीवी चैनलों, रेडियो नेटवर्क और फोन के माध्यम से छात्रों को पेश किया जाएगा.
एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों से कई विषयों और अंशों को हटाने से पिछले महीने विवाद शुरू हो गया था और विपक्ष ने केंद्र पर ‘‘बदले की भावना के साथ लीपापोती’’ करने का आरोप लगाया था.
बैठक शुक्रवार देर रात डेढ़ बजे तक चली. परिषद ने प्राथमिक शिक्षा स्नातक (बी.एल.एड) प्रोग्राम की जगह 4 साल के इंटीग्रेटेड टीचर्स एजुकेशन प्रोग्राम को लागू करने के एक प्रस्ताव को मंजूरी दी.
यूपीएससी ने एक बयान में कहा कि वह आयशा मकरानी और तुषार बृजमोहन के खिलाफ ‘धोखाधड़ी’ से यह दावा करने के लिए ‘दंडात्मक कार्रवाई’ करेगी कि उन्हें सिविल सेवाओं के लिए चुना गया था.
रणनीतिक तौर पर, बिना शर्ट वाला यह प्रदर्शन आत्मघाती गोल से भी बुरा था. अचानक, AI समिट की सारी गड़बड़ियां भूला दी गईं और यूथ कांग्रेस का विरोध ही मुद्दा बन गया.