Wednesday, 7 December, 2022
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बंगाल के स्कूल में भगवा स्कार्फ और हिजाब को लेकर भिड़े स्टूडेंट, TMC ने इसे ‘BJP की साजिश’ बताया

धुलागौरी आदर्श विद्यालय एक हफ्ते के लिए बंद कर दिया गया है और वहां परीक्षाएं भी रद्द हो गई हैं. स्कूल में छात्र-छात्राओं की यूनिफॉर्म निर्धारित है और उन्हें इसके अलावा कोई पोशाक पहनने की अनुमति नहीं है.

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के एक सरकारी स्कूल में क्लास के अंदर ‘नामाबली’ यानी भगवा स्कार्फ और हिजाब पहनने को लेकर स्टूडेंट के दो समूहों के बीच हाथापाई के बाद तनाव बढ़ गया है.

धुलागौरी आदर्श विद्यालय को अब एक हफ्ते के लिए बंद कर दिया गया है और वहां जारी परीक्षाएं भी रद्द हो गई हैं. स्कूल ने अपनी प्रबंधन समिति के साथ अभिभावकों और स्थानीय प्रशासन की एक बैठक भी बुलाई है.

गौरतलब है कि स्कूल में छात्र-छात्राओं के लिए एक यूनिफॉर्म निर्धारित है और उन्हें इसके अलावा कोई अन्य पोशाक पहनने की मनाही है. जहां लड़कियों को सफेद कुर्ता और गहरे नीले रंग की सलवार पहननी होती है, वहीं लड़कों की यूनिफॉर्म सफेद शर्ट और गहरे नीले रंग की पैंट है.

12वीं कक्षा के छात्रों के एक समूह ने मंगलवार सुबह भगवा स्कार्फ पहनकर स्कूल परिसर के अंदर जाने देने की मांग की क्योंकि स्कूल प्रशासन ने कई छात्राओं को हिजाब पहनकर आने की अनुमति दी थी. इसे लेकर दो समूहों के बीच शुरू हुआ टकराव कुछ ही देर में हिंसा में तब्दील हो गया और कुछ रिपोर्ट में बताया गया है कि झड़पों के दौरान स्कूल की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है.

धुलागौरी आदर्श विद्यालय में प्रभारी शिक्षक अरिंदम मन्ना ने मीडिया को बताया कि स्कूल की तरफ से सोमवार को ही स्पष्ट तौर पर दोहराया गया था कि परिसर के अंदर किसी भी धार्मिक पोशाक की अनुमति नहीं दी जाएगी.

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मन्ना ने कहा, ‘चेतावनी के बावजूद कुछ छात्र ‘नामाबली’ पहनकर आए और हंगामा किया. इस वजह से मंगलवार को होने वाली 11वीं और 12वीं की परीक्षा रद्द कर दी गई.’ उन्होंने कहा, हमने प्रबंधन समिति और अभिभावकों की एक और बैठक बुलाई है, जहां हम आगे के फैसले लेंगे.’

इस बीच, तनाव को देखते हुए हावड़ा पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की एक टीम को वहां तैनात कर दिया गया है. स्कूल के पास अतिरिक्त बल भी मुस्तैद है.

दिप्रिंट ने इस मामले पर टिप्पणी के लिए व्हाट्सएप के माध्यम से हावड़ा के पुलिस आयुक्त प्रवीण कुमार त्रिपाठी से संपर्क साधा. उनकी तरफ से कोई जवाब देने के बाद इस कॉपी को अपडेट कर दिया जाएगा.

धुलागौरी आदर्श विद्यालय 1964 में स्थापित किया गया था और इसमें करीब 1,050 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं. धुलागौरी पंचायत के अंतर्गत यह एकमात्र माध्यमिक स्कूल है.


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‘भाजपा सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की कोशिश कर रही’

टीएमसी मंत्री और हावड़ा के विधायक अरूप रॉय ने दिप्रिंट से बातचीत में कहा कि यह घटना क्षेत्र में सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की भाजपा की साजिश का हिस्सा है.

रॉय ने कहा, ‘क्षेत्र के स्कूलों में लड़कियों का बुर्का और हिजाब पहनना कोई नई बात नहीं है. लेकिन अब अचानक लड़कों का नामाबली पहनकर आ जाना निश्चित तौर पर एक साजिश का हिस्सा है. इसके पीछे भाजपा का हाथ है. मैंने पुलिस आयुक्त से बात की है और साजिशकर्ताओं का पता लगाने के लिए गहन जांच का आग्रह किया है. हमारी प्राथमिकता सामान्य स्थिति बहाल करना और स्कूल जल्द से जल्द फिर खोलना है.’

धुलागौरी की यह घटना कर्नाटक में इस साल की शुरुआत में शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब और भगवा स्कार्फ को लेकर बड़े पैमाने पर प्रदर्शनों की याद दिलाती है.

गौरतलब है कि उडुपी महिला पीयू कॉलेज की छात्राओं ने उस समय हफ्तों विरोध प्रदर्शन किया था जब कॉलेज प्रशासन ने कथित तौर पर उन्हें हिजाब पहनकर कक्षाओं में बैठने की अनुमति नहीं दी थी.

इसके कुछ ही समय बाद चिकमंगलूर के गवर्नमेंट फर्स्ट ग्रेड कॉलेज के कुछ हिंदू छात्रों ने भगवा स्कार्फ पहनकर विरोध प्रदर्शन किया था, वहां भी स्टूडेंट के लिए यूनिफॉर्म निर्धारित थी. उनकी मांग थी कि यदि मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनने की अनुमति दी जाती है तो उन्हें भगवा स्कार्फ पहनने की अनुमति दी जाए. हिजाब और भगवा स्कार्फ को लेकर विवाद जल्द ही राज्य के कई और कॉलेजों तक फैल गया था.

(इस खबर को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

(संपादनः हिना फ़ातिमा)
(अनुवादः  रावि द्विवेदी)


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