ओपन डोर्स रिपोर्ट द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक साल 2009-10 के बाद पहली बार भारत अंतरराष्ट्रीय छात्रों को अमेरिका भेजने के मामले में चीन को पीछे छोड़ दिया.
काउंसलिंग के 3 राउंड के बाद, अखिल भारतीय कोटे के तहत 862 एमएस, एमडी और डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड (डीएनबी) सीटें खाली हैं, राज्य कोटे के तहत 583 सीटें खाली हैं. अब सरकार चौथे दौर की काउंसलिंग पर विचार कर रही है.
रैंकिंग में भारत से सबसे अधिक 37 नए प्रवेशकों की संख्या दिखाई गई है. जिसके तहत शीर्ष 100 एशियाई विश्वविद्यालयों में सात भारतीय विश्वविद्यालय शामिल हैं.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ वामपंथी उग्रवाद से सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में से एक रहा है, लेकिन बेहतर शिक्षा सुविधाओं का मतलब है कि बच्चे ऊंचे लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं.
विश्विद्यालय के छात्र संगठन ‘स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (एसएफआई) ने इस कदम की निंदा करते हुए कहा कि इससे छात्रों की 'गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा तक पहुंच' प्रभावित होगी.
प्रवासी भारतीय सम्मेलन से लेकर कुंभ मेलों तक, भारत ने दिखाया है कि वह जटिल आयोजनों का प्रबंधन कर सकता है. इस क्षमता को बाद में उसके G20 शिखर सम्मेलन के दौरान वैश्विक मंच पर भी मजबूती मिली.