रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के शुक्रवार के लद्दाख दौरे की फोटो से, लड़ाई में बढ़त लेने के लिए, सेना की पैरा स्पेशल फोर्सेज़ की, हाल की ख़रीदारियों का पता चलता है.
असॉल्ट राइफल्स मेक इन इंडिया पहल के तहत मध्य प्रदेश में, संयुक्त उपक्रम पीएलआर सिस्टम्स द्वारा बनाई जाएंगी, जो पहले से ही टेवर जैसे हथियार बना रहे हैं.
कोर कमांडर्स की मीटिंग का एजेंडा, इंडिया-चाइना वर्किंग मिकैनिज़्म फॉर कंसल्टेशन एंड को-ऑर्डिनेशन की मीटिंग के बाद तय किया जाएगा, जिसके शुक्रवार को होने की संभावना है.
जो हुआ है उसे स्वीकार करने में मोदी सरकार को झिझक नहीं होनी चाहिए. चीन के मुकाबले के लिए एक रणनीतिक संचार योजना की ज़रूरत है जोकि अपने कथानक को आगे बढ़ाता जा रहा है.
यह 400 किमी तक की सीमा के भीतर आने वाले प्रतिरोधी विमान, मिसाइल और यहां तक कि ड्रोन को नष्ट करने में सक्षम है. इसकी ट्रैकिंग क्षमता लगभग 600 किमी. है.
राफेल जेट्स इस्त्रेस से उड़ान भरकर यूएई में फ्रांस के हवाई ठिकाने पर उतरेंगे, जहां से फिर वो अम्बाला आकर लैण्ड करेंगे. फ्रांस के एयर रिफ्यूलर्स यूएई तक दो बार इनकी मिड-एयर री-फ्यूलिंग करेंगे.
अगर सरकार टैक्सपेयर्स का पैसा देश को बेहतर बनाने में खर्च करना चाहती है, तो ज्यादा अदालतें बनाए, टूटती हुई नौकरशाही को सुधारे, लेकिन, ज़ाहिर है, नेता सिर्फ अपने बारे में सोचेंगे.
इस बीच, मेइरा पाइबी लुप (महिला मशाल वाहक) ने पूरे मणिपुर में सात दिन का पूर्ण बंद शटडाउन लागू किया है और मांग की है कि सरकार 25 अप्रैल तक हमले के जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार करे.