यह 400 किमी तक की सीमा के भीतर आने वाले प्रतिरोधी विमान, मिसाइल और यहां तक कि ड्रोन को नष्ट करने में सक्षम है. इसकी ट्रैकिंग क्षमता लगभग 600 किमी. है.
राफेल जेट्स इस्त्रेस से उड़ान भरकर यूएई में फ्रांस के हवाई ठिकाने पर उतरेंगे, जहां से फिर वो अम्बाला आकर लैण्ड करेंगे. फ्रांस के एयर रिफ्यूलर्स यूएई तक दो बार इनकी मिड-एयर री-फ्यूलिंग करेंगे.
2017 में एलएसी में एक बटालियन के कमांडेंट रहे चुके कर्नल एस. डिन्नी (सेवानिवृत्त) का कहना है कि वहां पर निर्माण गतिविधियों के बीच घुसपैठ भारत को एक संदेश देने की कोशिश भर है और सामरिक तौर पर इसका कोई महत्व नहीं है.
शहरी भारत आज जातिवाद खत्म होने के दौर में नहीं है, बल्कि ऐसा दौर है जहां लोग जातिवाद मानना नहीं चाहते. वे ऊंच-नीच के फायदे तो चाहते हैं, लेकिन इसे मानने में शर्म महसूस करते हैं.