पिछले साल से अब तक भारत और चीन ने गलवान घाटी, जहां जून में झड़प के दौरान 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे और पैंगांग त्सो में सैन्य वापसी प्रक्रिया पूरी कर ली है. पैंगांग त्सो में यह प्रक्रिया इस साल के शुरू में पूरी हुई.
भारत और चीन के बीच कोर कमांडर स्तर की अगले दौर की बैठक में पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले शेष स्थानों से सैनिकों को पीछे हटाने पर जोर दिये जाने की उम्मीद है.
कर्नल अशोक तारा (सेवानिवृत्त), जो उस समय एक 29 वर्षीय मेजर थे- 1971 की जंग खत्म होने के बाद बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के परिवार को पाकिस्तानी सेना से बचाने का जिम्मा सौंपा गया था.
भारत और चीन की सेनाओं के बीच पैंगोंग सो इलाके में पिछले वर्ष पांच मई को हिंसक संघर्ष के बाद सीमा गतिरोध उत्पन्न हो गया था . इसके बाद दोनों पक्षों ने हजारों सैनिकों एवं भारी हथियारों की तैनाती की थी .
नौसेना अपने 1960 के पुराने हो चुके चेतक को नए युटिलिटी हेलीकॉपर्ट्स (एनयूएच) से जल्द बदलना चाहता है लेकिन 111 ऐसे चॉपर्स को रणनीतिक साझेदारी के तहत लेने की प्रक्रिया कई कारणों से फंसी हुई है.
न्यायालय ने कहा कि हमारे समाज का ढांचा पुरुषों ने पुरुषों के लिए ही बनाया है जहां समानता की बात एक स्वांग है और आजादी के बाद से पुरुषों तथा महिलाओं के बीच की खाई भरने तथा उन्हें समान अवसर देने की कोशिशें की गई हैं.
चेन्नई पोर्ट ट्रस्ट पर तटरक्षक बल में पोत ‘वज्र’ को शामिल करने के मौके पर जनरल रावत ने कहा कि नौसेना, तटरक्षक बल और समुद्री पुलिस के बीच तालमेल एवं राज्य की स्थानीय एजेंसियों के साथ समन्वय वक्त की जरूरत बन गई है.
अध्ययन के अनुसार, ‘बजट, सैनिकों और वायु एवं नौसैन्य क्षमता जैसी चीजों पर आधारित इन अंकों से पता चलता है कि किसी काल्पनिक संघर्ष में विजेता के तौर पर चीन शीर्ष पर आएगा.’
एक पक्ष सोचता है कि आज भारत अपनी हैसियत से ज्यादा आगे बढ़कर कदम उठा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष सोचता है कि मोदी ने भारत की हैसियत कमजोर कर दी है और भारत अपनी हैसियत से कम कदम उठा रहा है. सच यह है कि दोनों ही गलत हैं.
आगरा की एक अदालत ने 2018 में सिकंदरा थाने में राजू गुप्ता की हिरासत में मौत के मामले में एक सब-इंस्पेक्टर को दोषी ठहराया और पुलिस की निष्क्रियता व जांच में कमियों की कड़ी आलोचना की. यह मामला पुलिस की क्रूरता, चुप्पी और सिस्टम की नाकामी को उजागर करता है.