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Saturday, 31 January, 2026
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समाज-संस्कृति

‘मूर्खता मेरी जन्मजात विरासत थी’- समाज के असंख्य चित्कारों की अभिव्यक्ति थे प्रोफेसर तुलसी राम

'हमारी दलित बस्ती के अनगिनत दलित हजारों दुख-दर्द अपने अंदर लिए मुर्दहिया में दफन हो गए थे. यदि उनमें से किसी की भी आत्मकथा लिखी जाती तो उसका शीर्षक मुर्दहिया ही होता.'

‘जनकवि हूं साफ कहूंगा, क्यों हकलाऊं’- तात्कालिकता के स्वर थे बाबा नागार्जुन

नागार्जुन का समूचा जीवन फक्कड़पन और यायावरी में बीता. भदेसपन उनके साहित्य कर्म में रचा बसा है और इसी बात ने उन्हें जनकवि बना दिया.

जीवन में की गई गलतियों को मानने और उन्हें सुधारने के लिए बहुत ‘हिम्मत’ चाहिए: सलमान खान

कबीर बेदी के संस्मरण 'स्टोरीज आई मस्ट टेल: द इमोशनल जर्नी ऑफ एन एक्टर’ के विमोचन के मौके पर खान ने कहा कि उनकी जिंदगी में ऐसे कई मौके आए जब उन्हें अपनी गलतियों की जिम्मेदारी लेने में मुश्किल हुई.

पायरेसी पर और नियंत्रण, केंद्र के पास होगा सर्टिफिकेशन पावर- नए फिल्म सर्टिफिकेशन बिल में क्या -क्या बदलेगा?

नए कानून का यह मसौदा, जिस पर कई फिल्म निर्माताओं ने सवाल उठाये हैं, मोदी सरकार द्वारा फिल्म सर्टिफिकेशन अपीलेट ट्रिब्यूनल को समाप्त करने के कुछ ही हफ्तों बाद आया है.

‘कश्मीर का खून बिकाऊ नहीं’ : भारत-पाकिस्तान रोमांटिक वेब सीरीज के कारण पाकिस्तानी ट्विटर पर बरपा हंगामा

'धूप की दीवार' एक भारतीय और एक पाकिस्तानी लड़के के बीच की प्रेम कहानी है, जो कश्मीर में मारे गए प्रतिद्वंद्वी देशों के सैनिकों के बच्चे हैं.

‘फ्लाइंग सिख’ मिल्खा सिंह के निधन पर सिनेमा जगत की हस्तियों ने जताया दुख, कही ये बात

मिल्खा सिंह के निधन पर फिल्मी हस्तियों ने शोक जताया है. उन्होंने ट्वीट करके 'फ्लाइंग सिख' के बारे में भावनाएं व्यक्त कीं.

मनुष्य और प्रकृति के बीच बढ़ते टकराव और जंगलों में राजनीतिक हस्तक्षेप की कहानी है ‘शेरनी’ 

'शेरनी' फिल्म उन राजनीतिक-सामाजिक-प्राकृतिक विषयों को उभारती है जिसके बारे में हम जानते तो हैं लेकिन उसकी गहराई में जाने से अक्सर बचते हैं.

‘ठाकरे भाऊ’- उद्धव और राज ठाकरे की छाया तले कितनी बदली महाराष्ट्र की राजनीति

एक कार्टूनिस्ट की अभिव्यक्ति से निकली पार्टी से लेकर उत्तराधिकारी के लिए संघर्ष तक पार्टी किस रूप में बदली, इसे विस्तार से पत्रकार और लेखक धवल कुलकर्णी ने अपनी किताब 'ठाकरे भाऊ- उद्धव, राज और उनकी सेनाओं की छाया ' में जिक्र किया है.

‘रामायण’ के मशहूर अभिनेता चंद्रशेखर का 98 साल की उम्र में निधन

चंद्रशेखर ने टीवी पर निर्देशक रामानंद सागर के 1987 में आए धारावाहिक ‘रामायण’ में राजा दशरथ के प्रधानमंत्री आर्य सुमंत की भूमिका निभाई थी, जिससे उन्हें काफी लोकप्रियता मिली.

अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती ने सुशांत को याद किया, कहा- इस खालीपन को नहीं भरा जा सकता

सुशांत (34) पिछले साल 14 जून को बांद्रा स्थित अपने घर में मृत मिले थे. उसके बाद सुशांत के परिवार ने रिया पर दिवंगत अभिनेता को आत्महत्या के लिए उकसाने और उनकी संपत्ति का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था.

मत-विमत

स्विस रिपोर्ट: अब ऑपरेशन सिंदूर बहस को खत्म कर देना चाहिए. यह जानना भी अहम है कि लड़ाई कब रोकनी है

किसी भी युद्ध को जीतने तो क्या, शुरू करने की कुंजी यह होती है कि उसका लक्ष्य स्पष्ट हो. यह पूरी तरह से राजनीतिक विषय होता है. यह न तो भावनात्मक मामला होता है, और न ही शुद्ध रूप से सैन्य मामला.

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अयोध्या जिला जेल से दो बंदियों के फरार होने के मामले में तीन और जेलकर्मी निलंबित

लखनऊ (उप्र), 31 जनवरी (भाषा) अयोध्या जिला जेल से दो विचाराधीन कैदियों के फरार होने के मामले में तीन और जेलकर्मियों को निलंबित कर...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.