पेश है दिप्रिंट का इस बारे में साप्ताहिक राउंड-अप कि उर्दू मीडिया ने पिछले एक सप्ताह के दौरान विभिन्न घटनाओं के सम्बन्ध में किसी तरह की खबरे छापी, और उनमें से कुछ ने इन के बारे में किस तरह की संपादकीय टिप्पणियां की.
मट्टो की साइकिल और उसकी जिंदगी के बरअक्स यह फिल्म असल में हर उस गरीब इंसान की कहानी दिखाती है जो तेजी से दौड़ रहे देश में अपने हिस्से के विकास का इंतजार कर रहा है.
एक अच्छा टाइम पास मनोरंजन देने वाली इस फिल्म को इसकी भरपूर भव्यता के लिए देखा जाना चाहिए-परिवार के साथ, दोस्तों के साथ, बच्चों के साथ. लेकिन कहानी और पटकथा की बारीकियों पर गौर न करें, आपको निराशा ही हाथ लगेगी.
फिल्मों में अध्यापक का चेहरा बदला है और कई सारी फिल्में भी ‘गुरु’ की भूमिका में आती हैं व सिनेमाघर को ‘क्लास-रूम’ का दर्जा देकर बहुत कुछ सिखा-पढ़ा जाती हैं.
संस्कृत से ही तो हमारी परंपराओं का पोषण हुआ है. उन परंपराओं का, जिनमें वैदिक, उपनिषद और तमाम पौराणिक, सामाजिक और आर्थिक साहित्य लिखा गया. कौटिल्य का अर्थशास्त्र, वेद, उपनिषद्, गीता, सभी संस्कृत में ही लिखे गए हैं.
अंगराग 'पैपोन' महंत का कहना है कि यहां का संगीत अपनी पहचान की तलाश के लिए संघर्ष कर रहा है. नॉर्थईस्ट के अधिकांश गीतों में न तो वहां का कोई सार बचा है और न ही आत्मा.