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Monday, 6 April, 2026
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‘जनसांख्यिकी अव्यवस्था’ को निशाना बनाने वाले एक और व्यक्ति हैं जगदीप धनखड़, अब जनगणना ही हल

अगर जगदीप धनखड़ और मोहन भागवत वाकई भारत की बढ़ती जनसंख्या से चिंतित हैं, तो उन्हें सरकार से यह पूछना चाहिए — जनगणना किधर है?

सरकारी योजनाओं को उनके बजट से नहीं उनकी उपलब्धियों से आंकिए

शासन के पेशेवरों के लिए असली चुनौती तमाम व्यवस्थाओं के लिए ऐसे डिजाइन तैयार करना है जो पारदर्शी और निष्पक्ष हो और अपेक्षित परिणाम भी दें.

भाजपा ने जम्मू-कश्मीर की किस्मत बदल दी, अनुच्छेद-370 को निरस्त करना हमें यहां तक लेकर आया

जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार बन गई है, लेकिन मतदाताओं में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी भाजपा की है. उसे कुल वोटों का 25.5% मिला है, जो किसी भी अन्य पार्टी से ज्यादा है.

अगर आप विश्वास करें तो लॉरेंस बिश्नोई वह कर रहा है जो दाऊद इब्राहिम भी नहीं कर पाया

जब सलमान पर काले हिरण को मारने का आरोप लगा तो बिश्नोई पांच साल का था. तो या तो यह बचपन का एक ऐसा अनुभव था जिसने उसे अपराध की दुनिया में धकेल दिया या फिर यह कहानी झूठी है.

आखिरकार सिंधी आवाज़ को मिली जगह: भारत के विभाजन की नई कहानी एक प्रदर्शनी में

दिल्ली में विभाजन संग्रहालय अब सिंधियों के अनकहे दर्द के बारे में बताता है. इसमें मौखिक इतिहास, अभिलेखीय सामग्री, स्मृति कलाकृतियाँ और बिखरी हुई संस्कृति की समकालीन कला का मिश्रण है.

RSS-BJP के संबंधों में हरियाणा चुनाव परिणाम से क्या बदलाव आया है

आरएसएस के फिर से कमान संभालने के बाद बीजेपी में बड़े बदलाव की उम्मीद है. मोहन भागवत का दशहरा भाषण और पीएम मोदी के पोस्ट एक नई शुरुआत का संकेत देते हैं.

जलवायु परिवर्तन भारतीय सेना के लिए मसला क्यों नहीं, जबकि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए यह बड़ा संकट

निर्णय प्रक्रिया में जलवायु संबंधी जोखिम का ध्यान भी रखने के लिए जलवायु संबंधी समग्र रणनीति की ज़रूरत होगी. इस तरह का दृष्टिकोण एनडीआरएफ और डीआरडीओ जैसे संगठनों और दूसरे मंत्रालयों के साथ सहयोग को बढ़ावा देगा.

अगर गर्दन और हाथ पर काले धब्बे दिखें तो डॉक्टर के पास जाएं सैलून में नहीं, यह डायबिटीज़ के संकेत हो सकते हैं

इससे पहले कि आप इस समस्या पर तनाव लेना शुरू करें, थोड़ा रुकें और अपने स्वास्थ्य पर विचार करना शुरू करें.

फिलिस्तीनियों के दर्द को लेकर भारतीय उदासीन क्यों हैं; नहीं, बात सिर्फ यहूदी बनाम मुस्लिम वाली नहीं है

हम ‘दुश्मन (मुस्लिम) के दुश्मन (यहूदी) को अपना दोस्त मानने’ की आम नीति के नजरिए से देखने के लालच से बचें. जिसे हम इस्लामी दुनिया कहते हैं उसकी हकीकत भी बदल चुकी है और भारत के साथ उसका समीकरण भी बदल चुका है.

रतन टाटा के साथ रिश्ते की ठंडी शुरुआत, डॉग्स के प्रति प्रेम के साझेपन से किस तरह गर्मजोशी में बदली

सियासत, व्यवसाय के माहौल से उनकी निराशा, उद्यमशीलता से लेकर टेक्नोलॉजी और विमानन के मामले में उनके प्रेरक विचारों, और दान-परोपकार आदि पर हुई बातों के बीच हमने पाया कि हम दोनों को डॉग्स को पैट बनाने का शौक है.

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जातिवाद भारतीय शहरों से खत्म नहीं हुआ है, बस उसने अंग्रेज़ी सीख ली है

शहरी भारत आज जातिवाद खत्म होने के दौर में नहीं है, बल्कि ऐसा दौर है जहां लोग जातिवाद मानना नहीं चाहते. वे ऊंच-नीच के फायदे तो चाहते हैं, लेकिन इसे मानने में शर्म महसूस करते हैं.

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खरात प्रकरण में पीड़ित महिलाओं के वीडियो का प्रसारण एवं सीडीआर लीक है गंभीर विषय: वर्षा गायकवाड़

(फाइल फोटो के साथ) मुंबई, छह अप्रैल (भाषा) कांग्रेस की मुंबई इकाई की अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने सोमवार को सोशल मीडिया पर अशोक...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.