scorecardresearch
Thursday, 26 March, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

Gen Z के विरोध से गिरी सरकार, अब युवाओं को साधने में जुटे नेपाल के पुराने नेता

फ्री इंटरनेट, 10,000 डॉलर कार्ड, डायस्पोरा को वोटिंग अधिकार—चुनाव से पहले नेपाल की पार्टियां बड़े वादे कर रही हैं. क्या यह चुनाव सच में चक्र तोड़ेगा?

एक वायरल बंदर, एक IKEA का प्लश टॉय और US सुप्रीम कोर्ट का फैसला: टैरिफ के बारे में क्या बताते हैं

पंच का अपने प्लश टॉय से लगाव उसके देश से नहीं, बल्कि उससे मिलने वाले आराम से है. इसी तरह, ग्राहक जियोपॉलिटिकल लेबल से ज्यादा भरोसे और डिजाइन को प्राथमिकता देते हैं.

CJI सूर्यकांत सही हैं. चुनाव के दौरान सुप्रीम कोर्ट बन जाता है राजनीतिक रणभूमि, लेकिन क्यों

पिछले हफ्ते CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के कई फैसले—सबरीमला से लेकर सीएए और फ्रीबीज़ तक—आने वाले विधानसभा चुनावों में असर डालने वाले हैं.

भारत के लिए अपना AI स्टैक बनाना अब मजबूरी नहीं बल्कि रणनीतिक ज़रूरत

भारतीय संदर्भ में, सर्वम और BharatGen की बढ़ती अहमियत और साबित क्षमता आम लोगों के लिए भरोसा और खुशी ही ला सकती है.

AI समिट पर घिरी मोदी सरकार को यूथ कांग्रेस के विरोध से मिला राहत का मौका

रणनीतिक तौर पर, बिना शर्ट वाला यह प्रदर्शन आत्मघाती गोल से भी बुरा था. अचानक, AI समिट की सारी गड़बड़ियां भूला दी गईं और यूथ कांग्रेस का विरोध ही मुद्दा बन गया.

पसमांदा मुसलमानों के लिए आरक्षण को ‘मुस्लिम आरक्षण’ क्यों नहीं कहा जाना चाहिए

‘मुस्लिम’ आरक्षण कोई धार्मिक मुद्दा नहीं है. इसे मापी जा सकने वाली पिछड़ेपन की स्थिति पर आधारित होना चाहिए.

‘जो उचित समझो वह करो’—इन पांच शब्दों ने सेना और शासन के रिश्ते की खाई उजागर की

रेचिन ला एक टैक्टिकल सफलता और एक स्ट्रेटेजिक चेतावनी थी. इसने एक ऐसे सिस्टम को सामने ला दिया जहां पॉलिटिकल लीडर बिना सीमा तय किए कंट्रोल चाहते हैं, और कमांडरों को स्ट्रेटेजिक ज़िम्मेदारी संभालने के लिए छोड़ देते हैं.

क्या कोई देश पूरी तरह संप्रभु है? ट्रंप की डिप्लोमेसी और कोल्ड वॉर से भारत ने क्या सीखा?

भारत का तनावग्रस्त पड़ोस उसके लिए रणनीतिक विकल्पों को कई तरह से सीमित करता है. ऐसे में आपके पास गहरी सांस लेने, आराम से सोचने का मौका नहीं है.

यूनुस के दौर में बांग्लादेश हर मोर्चे पर हारा, नए पीएम के सामने बहुत बड़ी चुनौती

ढाका घेराबंदी के 18 महीने बाद, बांग्लादेश के पास फिर से खुद को रीसेट करने का मौका है और दुनिया देख रही है.

भारत में केंद्र-राज्य रिश्तों में बदलाव की जरूरत, लेकिन उतना बड़ा नहीं जितना स्टालिन का दावा

एक राज्य सरकार का नई दिल्ली से वित्तीय स्वायत्तता की मांग करना, जबकि अपने स्थानीय निकायों को धन और निर्णय लेने के अधिकार से वंचित रखना, विडंबना है, जिसे नज़रअंदाज़ करना कठिन है — और इसका बचाव करना और भी कठिन है.

मत-विमत

वीडियो

राजनीति

देश

देहरादून पिथौरागढ़ के बीच हवाई सेवा फिर शुरू

देहरादून/ पिथौरागढ़, 26 मार्च (भाषा) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बृहस्पतिवार को देहरादून-पिथौरागढ़ के बीच अलायंस एयर की 42 सीट...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.