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Wednesday, 1 April, 2026
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मंडल 2.0 की शुरुआत — कांग्रेस, सपा, राजद से आगे रहने के लिए मोदी सरकार ने जाति जनगणना का दांव खेला

मोदी सरकार पिछड़ी जाति के वोट पर अपनी पकड़ को खतरे में नहीं डालना चाहती, खासकर तब जब कांग्रेस और मंडल युग की सपा और राजद जैसी पार्टियां उसी क्षेत्र पर नज़र गड़ाए हुए हैं.

जाति जनगणना ऐसा बुरा विचार है जिसका वक्त आ गया है, अभी और भी बुरा होने वाला है

जातिगत जनगणना को हम इसलिए भी एक बुरा विचार कह रहे हैं क्योंकि राहुल गांधी को छोड़ किसी ने नहीं सोचा कि इसके आंकड़े का किस तरह उपयोग किया जा सकता है.

बस एक मंदिर का उद्घाटन और दिलीप घोष की ज़रूरत — ममता बनर्जी ने भाजपा को किया विभाजित

ममता बनर्जी ने खेल का नियम सीख लिया है: राजनीति में कोई पक्का दोस्त या दुश्मन नहीं होता.

राहुल गांधी की जाति सर्वे की मांग विभाजनकारी, सरकार का कदम मास्टरस्ट्रोक कैसे बन जाता है?

किसी भी निष्पक्ष टिप्पणी में यह तथ्य शामिल होगा कि इस मुद्दे पर सरकार ने विपक्ष की स्थिति को स्वीकार कर लिया है; एक ऐसी स्थिति जिसके खिलाफ उसने बार-बार आवाज उठाई और जिसका सम्मान करने से लंबे समय तक इनकार किया.

कश्मीर की लीपा घाटी सुलग रही है, क्या यह एलओसी पर एक नई जंग की आहट है?

अगर नियंत्रण रेखा को पश्चिम की ओर बढ़ाया गया, तो पाकिस्तान की सेना को शर्मिंदगी झेलनी पड़ सकती है, लेकिन इसका नतीजा यह भी हो सकता है कि कश्मीर में आतंकवाद बढ़ जाए.

भाजपा को बंगाल में फतह नहीं, इस लूडो के खेल में ममता कैसे दे रही हैं मोदी-शाह को मात

बंगाल में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक दोनों ही निराश महसूस कर रहे हैं. मुर्शिदाबाद से सैकड़ों परिवार भागीरथी नदी पार कर पलायन कर गए गैर-भद्रलोक हिंदुओं के पास कोई नहीं बचा है.

परिसीमन में संख्या पर नहीं, सार्थकता पर ज़ोर जरूरी है इसलिए पेश हैं कुछ विकल्प

जिस जनगणना के आधार पर 2026 के बाद चुनाव क्षेत्रों में हेरफेर किया जाएगा उस जनगणना का कहीं अता-पता नहीं है. इसके बावजूद, परिसीमन की उम्मीद में कई संभावित विकल्पों पर चर्चा जारी है.

बेशक यह युद्ध का युग नहीं, लेकिन पहलगाम हमले का निर्णायक और करारा जवाब देना ज़रूरी

भारत को पूरब और पश्चिम, दो मोर्चों पर उलझने से बचने की कोशिश करनी चाहिए. इससे दुश्मनों को फायदा होगा और विकसित भारत के प्रयासों को झटका लगेगा.

पाकिस्तान के होश तभी ठिकाने लगेंगे जब उसे घेर कर दुनिया में अलग-थलग कर दिया जाएगा

अगर हमें दीर्घकालिक ‘सकारात्मक शांति’ हासिल करनी है यानी समस्या को जड़ से खत्म करना है तो अंतिम राजनीतिक समाधान ढूंढना होगा.

सिंधु जल संधि भारत के लिए नुकसानदेह रही, अब पाकिस्तान को भुगतने का समय

सिंधु जल संधि को एक तकनीकी समझौते के रूप में देखा गया था, लेकिन अब इसे कूटनीति, आतंकवाद विरोधी नीति और भू-राजनीतिक रणनीति के नज़रिए से देखा जा रहा है.

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वाणिज्यिक एलपीजी की कीमतों में 195.5 रुपये की बढ़ोतरी

नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण दुनिया भर में तेल की कीमतों में उछाल के बीच वाणिज्यिक एलपीजी...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.