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Sunday, 29 March, 2026
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अनुसूचित जाति के लिए बनाए गए मेडिकल कॉलेजों में जनरल कोटे की सीमा नहीं हो सकती, हाईकोर्ट ने की त्रुटि

हाईकोर्ट की गलती यह रही कि उसने इन विशेष संस्थानों को सामान्य शैक्षणिक संस्थानों की तरह देखा. ये कॉलेज संवैधानिक न्याय के विशेष साधन के रूप में बनाए गए थे.

नेपाल कैसे बना एक ‘हिंदू राष्ट्र’?

पिछली शताब्दी के अधिकांश समय नेपाल ने खुद को ‘दुनिया का एकमात्र हिंदू राज्य’ कहा. हालांकि, इतिहास के ज्यादातर समय में यह देश धार्मिक, राजनीतिक और जातीय रूप से विभाजित रहा है.

मोदी जी से 1996 में हुई मेरी पहली मुलाकात ने मुझे नेतृत्व का सजीव उदाहरण दिया: मनोहर लाल खट्टर

जैसे ही मोदी जी राष्ट्र सेवा के अपने 76वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं, मैं करोड़ों लोगों के साथ उन्हें शक्ति और सफलता की शुभकामनाएं देता हूं.

भारतीय पुलिस में तुरंत सुधार की ज़रूरत, 2006 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का कोई नतीजा नहीं

न्यायिक समीक्षा के दबाव में कई राज्यों ने सुप्रीम कोर्ट के 2006 के फैसले के बाद कार्यकारी आदेश जारी किए, लेकिन ये आदेश इस तरह बनाए गए कि न्यायिक निर्देशों को लागू होने से रोका जा सके.

बालाकोट से पहले था बुरकी, 1965 में भारत की कम-चर्चित जीत से सबक

1965 का युद्ध जितना माना जाता है, उससे अधिक महत्वपूर्ण था. खासकर पाकिस्तान की गलतियों के कारण.

जल्दबाज़ी में लागू हुए E20 से परेशान ड्राइवर और किसान, लेकिन फायदा सिर्फ केंद्र को

ज़्यादातर पेट्रोल पंपों पर E20 और E10 लगभग एक ही दाम पर बिक रहे हैं, जिससे असल में तेल कंपनियों का मुनाफा बढ़ रहा है.

त्योहारों के मौसम में GST 2.0 की शुरुआत, नागरिकों की जेब में आएंगे ज़्यादा पैसे

नया नियम पुराने सिस्टम से काफी अलग है, जिसने अब तक घरों और छोटे कारोबारियों के लिए दिक्कतें बढ़ाई थीं.

प्रधानमंत्री मोदी अपने 12वें साल में अपने ब्रांड को कैसे फिर से स्थापित करना चाहते हैं

पवित्र लेकिन बोझिल ‘विश्वगुरु’ की छवि ट्रंप की जल्दबाजी से प्रभावित हुई है. पड़ोसी देशों में हुए घटनाक्रम भी कोई राहत नहीं देते.

अवामी लीग के लिए हसीना की नज़र राहुल-प्रियंका मॉडल पर, उनका एक और बड़ा गलत कदम

गांधी परिवार से पीढ़ीगत रिश्तों ने पूर्व बांग्लादेश पीएम को प्रभावित किया, ताकि वे भी भारत के गांधी परिवार की तरह नेतृत्व अपनी संतान को सौंपें.

जब भारत जंग में पाकिस्तान को वॉकओवर नहीं देता, तो क्रिकेट में क्यों दें?

अपने ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट का पाकिस्तान के गोल्ड मेडलिस्ट से होड़ लेने पर शांत रहने और पाकिस्तान के साथ एक सामान्य क्रिकेट टूर्नामेंट खेलने पर तूफान खड़ा करने का पाखंड तीन बातें उजागर करता है.

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खाड़ी युद्ध ने भारत की कमजोरियां उजागर कीं, अब राष्ट्रीय हित में आत्ममंथन का वक्त है

सरकार कड़वा सच क्यों नहीं बोल सकती, इसे समझना बहुत आसान है. तमाम युद्धों की तरह यह युद्ध भी जब रुक जाएगा तब भी भारत के हित विजेता के साथ भी जुड़े होंगे और हारने वालों के साथ भी.

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दिल्ली का अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान कर रहा:मंत्री कपिल मिश्रा

नयी दिल्ली, 28 मार्च (भाषा) दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने शनिवार को कहा कि दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफडी) प्रतिभाओं के लिए...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.