जनरल एमएम नरवणे की किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' से पता चलता है कि जब चीनी टैंक भारतीय ठिकानों की ओर बढ़ रहे थे, तो उन्हें राजनीतिक नेतृत्व ने दो घंटे से ज़्यादा समय तक लटकाए रखा.
औपनिवेशिक खुफिया तंत्र क्रांतिकारियों को व्यक्ति के रूप में नहीं बल्कि खतरे के रूप में दर्ज करता था. ऐसा करके उसने कई ज़िंदगियों को इतिहास से निष्कासित कर दिया.
जिन छोटे लड़कों को स्कूल के काम की चिंता करनी चाहिए, वे महिलाओं को परेशान करना सीख रहे हैं. क्या अब हमें उन लोगों की लिस्ट में बच्चों को भी शामिल करना होगा जिनसे हमें खुद को बचाना है?
लंबे समय के निवेशकों और बड़ी बैलेंस शीट वाली इंस्टीट्यूशनल एंटिटीज़ के लिए, इसका असर बहुत कम होता है. इसका मुख्य बोझ हाई-फ्रीक्वेंसी रिटेल ट्रेडर्स पर पड़ता है.
श्योपुर, 26 मार्च (भाषा) लोकप्रिय टेलीविजन कार्यक्रम ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में प्रतिभागी के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त करने वाली एक महिला...