नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) कांग्रेस ने शुक्रवार को विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक को वापस लेने की मांग की और आरोप लगाया कि इसे उन लोगों को चुप कराने के लिए हथियार बनाया गया है, जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विचारधारा से सहमत नहीं हैं।
पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सरकार के इस कदम को “फासीवादी” करार दिया।
वेणुगोपाल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘एफसीआरए को उन लोगों को चुप कराने के लिए हथियार बनाया गया है, जो भाजपा की विचारधारा से जुड़े नहीं हैं, और उन संगठनों पर नियंत्रण स्थापित करते हैं, जो व्यापक परोपकारी प्रयास करते हैं।’
उन्होंने कहा, “हमने देखा है कि भाजपा अपने वैचारिक प्रतिद्वंद्वियों और संगठनों को निशाना बनाने के लिए एफसीआरए का उपयोग करती है, और यह असंवैधानिक विधेयक उस दिशा में एक और कदम है।’
कांग्रेस नेता ने दावा किया, ‘यदि आप प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इच्छा के अनुसार कार्य नहीं करते हैं, तो न केवल आप अपना लाइसेंस खो देंगे, बल्कि वैध रूप से रखी गई अपनी संपत्ति भी खो देंगे।
वेणुगोपाल ने कहा, ‘इस फासीवादी कदम को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।’
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बीते बुधवार को लोकसभा में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। इस विधेयक का उद्देश्य विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 में संशोधन करना है।
राय ने कहा था कि यह विधेयक विदेशी अंशदान के उपयोग को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाएगा।
भाषा हक अविनाश दिलीप
दिलीप
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.