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Friday, 1 May, 2026
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रेखा गुप्ता ने भारी कर्ज और बकाया को लेकर ‘आप’ की पिछली सरकार पर प्रहार किया

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नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) की पिछली सरकार द्वारा लिया गया 47,000 करोड़ रुपये का कर्ज उनकी सरकार को विरासत में मिला है, जिसे वह चुकाने की कोशिश कर रही हैं।

विधानसभा में मंगलवार को पेश किए गए बजट पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए, गुप्ता ने अपनी सरकार की विभिन्न पहलों और कार्यक्रमों पर प्रकाश डालते हुए विपक्षी ‘आप’ पर तीखा हमला बोला।

मंगलवार को विधानसभा में पेश किया गया 1.03 लाख करोड़ रुपये का वार्षिक बजट सदन द्वारा ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। ‘आप’ द्वारा बजट सत्र के बहिष्कार के कारण विपक्षी विधायक सदन से अनुपस्थित रहे।

सदन ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट को सर्वसम्मति से पारित कर दिया।

बाजार से कर्ज लेने के लिए ‘आप’ नेताओं द्वारा अपनी सरकार की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने सबसे सस्ता उपलब्ध ऋण लिया है जो 7.4 प्रतिशत की ब्याज दर पर है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने 1999 से 10.5 प्रतिशत की ब्याज दर पर 1164 करोड़ रुपये का कर्ज लेना शुरू किया था।

गुप्ता ने दावा किया कि ऐसा एक भी वर्ष नहीं बीता जब ‘आप’ की पिछली सरकार ने उच्च दरों पर ऋण नहीं लिया और यह कर्ज उनकी सरकार को विरासत में मिला है।

मुख्यमंत्री ने सदन से कहा, ‘‘2019-20 में उन्होंने (आप सरकार ने) करीब 9 प्रतिशत ब्याज दर पर 450 करोड़ रुपये का कर्ज लिया। 2020-21 में उन्होंने 9500 करोड़ रुपये का कर्ज लिया, 2021-22 में ऋण 5000 करोड़ रुपये था; 2022-23 में 3200 करोड़ रुपये। उनके (आप के) कार्यकाल के दौरान कर्ज बढ़कर 47,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया,’’ जिसमें 27,547 करोड़ रुपये अब भी बकाया है।

उन्होंने अपनी सरकार की लंबित वित्तीय देनदारियों की एक लंबी सूची भी गिनाई, जो पिछली सरकार द्वारा छोड़ी गई है।

गुप्ता ने कहा कि लंबित देनदारियों में एक्सप्रेसवे के विकास के लिए दिल्ली के अंशदान के रूप में 3700 करोड़ रुपये शामिल हैं। पिछली सरकार ने इसके लिए एक करोड़ रुपये का भी योगदान नहीं दिया।

उनकी सरकार पर आई लंबित वित्तीय देनदारियों में मेट्रो रेल के लिए दिल्ली का योगदान भी शामिल है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने लंबित 9082 करोड़ रुपये में से 2700 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने अस्पतालों और स्कूलों के निर्माण से जुड़े ठेकेदारों और अन्य एजेंसियों के बकाया की जानकारी भी दी, जिसका भुगतान अब उनकी सरकार कर रही है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे से संबंधित लंबित बकाया 2000 करोड़ रुपये था, जबकि शिक्षा से संबंधित बकाया 1000 करोड़ रुपये से अधिक था।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मुझे यह सोचकर शर्म आती है कि वह (आप की) किस तरह की सरकार थी। बच्चों की खेल गतिविधियों और पुरस्कारों के लिए रखे गए पैसे का भुगतान नहीं किया गया, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के कल्याण के लिए 18 करोड़ रुपये भी जारी नहीं किए गए।’’

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने छात्रवृत्ति के 1750 करोड़ रुपये और लंबित पुरस्कार राशि के 14.5 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। किशोरी योजना का कुल 12 करोड़ रुपये का लंबित बकाया भी मौजूदा सरकार ने जारी किया है।

गुप्ता ने आरोप लगाया, ‘‘वे दिल्ली के लिए टीबी (तपेदिक) की तरह थे, जो शहर के फेफड़ों से चिपके हुए थे। कड़ी मेहनत और प्रयासों के बावजूद यह दाग नहीं जाता। हर दिन एक नई फाइल खुलती है, जिसमें नए घोटाले और भ्रष्टाचार सामने आते हैं।’

उन्होंने यह भी कहा कि वर्षों के कुप्रबंधन के कारण, दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) और दिल्ली जल बोर्ड क्रमशः 99,000 करोड़ रुपये और 91,000 करोड़ रुपये के घाटे में हैं।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार इस अव्यवस्था को ठीक करने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि सार्वजनिक धन के एक-एक रुपये का हिसाब रखा जाए और प्रत्येक परियोजना निर्धारित समय में पूरी हो।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में पूंजीगत व्यय का आवंटन सबसे अधिक है। उन्होंने जोर दिया कि उनकी सरकार मुफ्त सुविधाएं देने के बजाय विकास पर केंद्रित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर क्षेत्र – शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा, पानी – उनकी सरकार की प्राथमिकता है क्योंकि दिल्ली लंबे समय से इन सुविधाओं से वंचित रही है।

गुप्ता ने कहा, ‘‘हम विभिन्न परियोजनाओं पर केंद्र की मदद से काम कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि मुनक नहर के किनारे एक एलिवेटेड रोड पर 5000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि इस साल दो नए मेट्रो कॉरिडोर का उद्घाटन किया गया, तीन और कॉरिडोर पूरे किए जाएंगे, और चौथे और पांचवें चरण के तहत इनका और विस्तार दिल्ली को देश का सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बना देगा।

मुख्यमंत्री ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद भी दिया।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार केंद्र के सहयोग से पश्चिम एशिया युद्ध के कारण पैदा हुई स्थिति को संभाल रही है, जिसने एलपीजी आपूर्ति में बाधा डाली है।

भाषा नोमान

नोमान नेत्रपाल

नेत्रपाल

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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