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Friday, 1 May, 2026
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गोयल ने विकसित देशों के विद्यार्थियों को भारत में अध्ययन के लिए आकर्षित करने पर जोर दिया

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नयी दिल्ली, छह मार्च (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को विकसित देशों के छात्र-छात्राओं को भारत आकर अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

गोयल ने सुझाव दिया कि इसके लिए ऐसे मॉडल अपनाए जा सकते हैं जिनमें छात्र तीन साल के पाठ्यक्रम का एक वर्ष भारत में और दो वर्ष अपने देश के विश्वविद्यालय में बिताएं, या दोनों संस्थानों के बीच अपना समय समान रूप से विभाजित करें।

गोयल ने कहा कि इस तरह के डिग्री कार्यक्रम विकसित देशों के छात्रों को यह समझने में मदद करेंगे कि विकासशील देश कैसे सोचते हैं, काम करते हैं और संस्कृति एवं समाज के साथ कैसे जुड़ते हैं।

भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (आईआईएफटी) द्वारा आयोजित ‘विकसित भारत 2047 के लिए उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण’ विषय पर कुलपतियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि इस तरह के दोहरी डिग्री कार्यक्रमों से विकसित देशों के छात्रों को यह समझने में मदद मिलेगी कि विकासशील देश कैसे सोचते हैं, कैसे कार्य करते हैं और कैसे वहां की संस्कृति व समाज के साथ कैसे जुड़ते हैं।

उन्होंने कहा कि आज के समय में उच्च शिक्षण संस्थानों को बदलते समय के अनुरूप ढलना चाहिए।

मंत्री ने सुझाव दिया कि शिक्षकों को भी नए सिरे से प्रशिक्षण लेना चाहिए ताकि वे छात्रों को पढ़ाते समय आधुनिक पाठ्यक्रम और भविष्योन्मुखी ज्ञान के साथ अपडेट रह सकें।

उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में भारत आने वाले प्रत्येक अंतरराष्ट्रीय छात्र पर 28 भारतीय छात्रों के विदेश जाने का वर्तमान अनुपात उलट जाएगा और भारत अपने संस्थानों में पढ़ने के लिए लगभग 13 लाख विदेशी विद्यार्थियों को आकर्षित करेगा, जबकि विदेश जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या बहुत कम होगी।

भाषा योगेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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