(फिलेम दीपक सिंह)
नयी दिल्ली, तीन मार्च (भाषा) ऑस्ट्रेलिया में एएफसी महिला एशिया कप के मैच से ठीक एक दिन पहले टीम की खिलाड़ियों ने उचित किट नहीं होने का मामला उठाया है जिससे अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के भीतर कुप्रबंधन भी उजागर होता है।
भारत बुधवार को पर्थ में वियतनाम के खिलाफ अपना पहला मैच खेलेगा। उससे पहले टीम की सभी 26 खिलाड़ियों ने एआईएफएफ के उप महासचिव एम सत्यनारायणन को पत्र लिखकर उचित कपड़ों और खेल किट की कमी पर अपनी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इससे उनके मनोबल पर असर पड़ा है और उनका ध्यान भंग हुआ है।
पत्र में कहा गया है, ‘‘अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए पेशेवर मानकों को पूरा करना जरूरी होता है। जिसमें खिलाड़ियों को फिट आने वाली उचित पोशाक भी शामिल है।’’
इससे एआईएफएफ प्रबंधन में पेशेवरपन की कमी का पता चलता है।
पत्र के अनुसार, ‘‘पिछले कुछ दिनों में खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को उचित पोशाक नहीं होने के कारण टूर्नामेंट से पहले ही चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। इस महत्वपूर्ण प्रतियोगिता के लिए गलत मैच किट के आने से मनोबल पर बुरा असर पड़ा है और इससे हमारे एकाग्रता भंग हुई है।’’
इस पत्र पर कप्तान स्वीटी देवी नागमबम और देश की तरफ से सर्वाधिक मैच खेलने वाली ग्रेस डांगमेई समेत आठ खिलाड़ियों ने हस्ताक्षर किए हैं। पत्र में कहा गया है कि अन्य खिलाड़ी भी इस पत्र से सहमत हैं। पत्र में सभी 26 खिलाड़ियों के नाम दिए गए हैं।
पत्र के अनुसार, ‘‘सभी खिलाड़ियों ने दो मार्च को दोपहर दो बजे बैठक की और सर्वसम्मति से यह पत्र लिखने का फैसला किया। बैठक में स्वीटी देवी, मनीषा कल्याण, ग्रेस डांगमेई, संगीता बसफोरे, पंथोई चानू, संजू, प्यारी ज़ाक्सा, श्रेया हुडा ने अहम भूमिका निभाई।’’
एआईएफएफ ने कहा कि खिलाड़ियों को मंगलवार को नई किटें उपलब्ध करा दी गई हैं।
सत्यनारायणन ने पीटीआई से कहा, ‘‘एएफसी की मैच कमिश्नरों की आज सुबह हुई बैठक में नई किटें उपलब्ध करा दी गईं और उन्हें मंजूरी मिल गई है।’’
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