नयी दिल्ली, 27 नवंबर (भाषा) वस्त्र मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन (एनटीटीएम) के तहत ‘सेवामुक्त’ हो चुके राष्ट्रीय ध्वजों के दोबारा इस्तेमाल को लेकर एक वैज्ञानिक मॉडल विकसित किया गया है।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह मॉडल 28 नवंबर को हरियाणा के पानीपत में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रदर्शित किया जाएगा।
मंत्रालय ने कहा, ‘भारत में सेवामुक्त राष्ट्रीय ध्वजों के सम्मानजनक पुनर्चक्रण को सुनिश्चित करने के लिए पहली बार एक सुव्यवस्थित एवं वैज्ञानिक प्रक्रिया पेश की गई है।’
इस परियोजना को एक औद्योगिक साझेदार के जरिये लागू किया गया है। यह सुनिश्चित करती है कि तिरंगे का कपड़ा और उसकी बुनावट या तो सहेज कर रखी जाए या फिर सम्मान और गरिमा को प्रभावित किए बगैर उसे पूरी जिम्मेदारी के साथ दोबारा इस्तेमाल किया जाए।
वस्त्र मंत्रालय ने कहा कि इस कदम से न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से जिम्मेदार प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान एवं संवेदनशीलता को भी बनाए रखा जाएगा।
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